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राजस्थान में भी पुणे के केतन मर्डर केस जैसी खौफनाक वारदात, बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर पत्नी ने किया पति का मर्डर

जालोर के आहोर में हुए राजेंद्र मीणा ब्लाइंड मर्डर का खुलासा। पत्नी ने प्रेमी संघ मिलकर रची साजिश। पुणे के केतन मर्डर केस जैसा खौफनाक पैटर्न।
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जालोर

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Nakul Devarshi

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Updated: 28 Jun 2026, 2:35 PM IST

Jalore Blind Murder Case Pune Ketan Incident Connection Rajasthan News

पत्नी ममता और बॉयफ्रेंड रमेश, इनसेट में मृतक पति राजेंद्र

राजस्थान के जालोर जिले से एक ऐसा आपराधिक मामला सामने आया है जिसने मानवीय रिश्तों और सामाजिक ताने-बाने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आहोर थाना क्षेत्र के मंडला इलाके में 24 जून को मिले एक अज्ञात युवक के शव की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस ब्लाइंड मर्डर का जो सच सामने आया है, वो कई मायनों में हालिया और सबसे ज़्यादा चर्चित पुणे के केतन मर्डर केस से मिलता-जुलता दिखाई पड़ रहा है। वहीं जालोर की घटना में भी 'त्रिकोणीय' पहलू होने से हर कोई इसे पुणे के केतन हत्याकांड से जोड़कर देख रहा है। हालांकि क्राइम इन्वेस्टिगेशन के दृष्टिकोण से दोनों मामलों में केवल एक बुनियादी अंतर है, वो ये कि पुणे का मामला शादी से पहले के प्रेम त्रिकोण का था, जबकि जालोर का यह दुखद वाकया शादी के बाद हुए गृह क्लेश और अवैध संबंधों का परिणाम है।

ये है मामला: 24 जून को मिला था शव

जालोर की इस खौफनाक वारदात की शुरुआत 24 जून को हुई, जब जालोर के मंडला क्षेत्र के एक सुनसान इलाके में स्थानीय ग्रामीणों को एक अज्ञात युवक का शव पड़ा हुआ मिला। शव मिलने की सूचना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सबसे पहले मृतक की शिनाख्त पाली जिले के रानीगांव निवासी राजेंद्र कुमार मीणा के रूप में की।

मां की नामजद शिकायत पर जांचशुरू

राजेंद्र की पहचान होने के बाद उनकी बुजुर्ग मां ने अपनी पुत्रवधू ममता और उसके कथित सहयोगियों के खिलाफ हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कराया। मामला दर्ज होते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया।

पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि मृतक की पत्नी ने ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की पूरी साजिश रची थी। बता दें कि प्रेमी ने अपने एक रिश्तेदार की मदद से युवक को मजदूरी दिलाने का झांसा दिया और सुनसान इलाके में ले जाकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद शव को वहीं फेंक कर फरार हो गए।

पुणे के केतन केस और जालोर हत्याकांड की थ्योरी: जानिए समानता

जालोर के राजेंद्र मीणा मर्डर और पुणे के केतन हत्याकांड की आपस में तुलना करते हैं, तो दोनों ही मामलों में अपराधियों का मनोवैज्ञानिक पैटर्न और साजिश रचने का तरीका लगभग एक जैसा नजर आता है।

तुलनात्मक बिंदुपुणे का केतन मर्डर केसजालोर का राजेंद्र मर्डर केस
मूल वजहप्रेम संबंधों में तीसरे व्यक्ति को रास्ते से हटाना।प्रेम संबंधों में तीसरे व्यक्ति को रास्ते से हटाना।
साजिश का तरीकाधोखे से सुनसान जगह पर बुलाकर हत्या।मजदूरी का झांसा देकर सुनसान जगह ले जाना।
क्राइम स्टेटसशादी और सगाई के बीच का मामला (Pre-Marriage)।14 वर्ष की शादी के बाद का विवाद (Post-Marriage)।

पुणे के मामले में आरोपी ने अपनी सगाई के बाद मंगेतर को रास्ते से हटाने के लिए अपने दोस्तों के साथ मिलकर जाल बुना था। ठीक उसी तरह, जालोर के इस मामले में आरोपी पत्नी ममता और उसके प्रेमी रमेश मीणा ने राजेंद्र मीणा को अपने विवाह के रास्ते का सबसे बड़ा रोड़ा माना और उसे हमेशा के लिए खत्म करने का फैसला कर लिया। जालोर केस में पुलिस ने पति की हत्या के जुर्म में पत्नी और उसके प्रेमी सहित एक अन्य मददगार को अरेस्ट कर लिया है।

सुनसान इलाके में बेरहमी से हत्या

पुलिस की कड़ी पूछताछ और आरोपियों के कबूलनामे के अनुसार, राजेंद्र कुमार मीणा की शादी करीब 14-15 वर्ष पूर्व गोलिया निवासी ममता के साथ हुई थी। दोनों के बीच पिछले कई महीनों से अनबन चल रही थी, जिसके कारण ममता अपने पति का घर छोड़कर पीहर रहने चली गई थी।

इसी दौरान उसकी मुलाकात रमेश कुमार मीणा से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए। वे दोनों शादी करना चाहते थे।

मुख्य आरोपी रमेश मीणा ने अपने एक रिश्तेदार अभिषेक मीणा को इस साजिश में शामिल किया। दोनों मोटरसाइकिल पर सवार होकर राजेंद्र के गांव रानीगांव पहुंचे और उसे अच्छी मजदूरी दिलाने का लालच दिया।

राजेंद्र को काम के बहाने बाइक पर बैठाकर वे मंडला की तरफ ले गए। रास्ते में सुनसान जगह देखकर राजेंद्र को अत्यधिक मात्रा में शराब पिलाई गई। जब राजेंद्र पूरी तरह बेसुध हो गया, तो रमेश और अभिषेक ने मिलकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में फेंककर फरार हो गए।

    48 घंटे में खुला राज

    जालोर पुलिस ने इस मर्डर केस को सुलझाने के लिए पूरी तरह से आधुनिक और वैज्ञानिक अनुसंधान का सहारा लिया। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के लिए एफएसएल की टीम को मौके पर बुलाया गया था।

    जांच टीम ने इन तकनीकी कड़ियों को आपस में जोड़ा:

    कॉल डिटेल और बीटीएस विश्लेषण: पुलिस ने मृतक राजेंद्र और संदिग्ध रमेश के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और मोबाइल टावर लोकेशन खंगाली। वारदात के समय दोनों के मोबाइल एक ही लोकेशन पर एक्टिव पाए गए।

    CCTV फुटेज से पुष्टि: हाईवे और मंडला रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में राजेंद्र को रमेश और अभिषेक के साथ मोटरसाइकिल पर जाते हुए देखा गया। इन ठोस तकनीकी सबूतों के आधार पर पुलिस ने रमेश और अभिषेक को हिरासत में लिया, जिन्होंने पूछताछ के बाद अपना जुर्म कबूल कर लिया।

    यह पूरी सफल और त्वरित कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोटाराम के कुशल निर्देशन और वृत्ताधिकारी आहोर दशरथ सिंह के सुपरविजन में थानाधिकारीकरण सिंह के नेतृत्व वाली टीम द्वारा पूरी की गई।