
एआई तस्वीर
जालोर। जालोर से बागरा तक करीब 18 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क परियोजना का 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। लंबे समय से डामर की उपलब्धता नहीं होने तथा बिजली के पोल शिफ्टिंग जैसी तकनीकी बाधाओं के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा था, लेकिन अब अधिकांश समस्याओं का समाधान होने के बाद निर्माण कार्य ने गति पकड़ ली है। इससे क्षेत्र के हजारों लोगों को जल्द बेहतर और सुरक्षित यातायात सुविधा मिलने की उम्मीद जगी है।
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जानकारी के अनुसार फोरलेन का अधिकांश हिस्से में सड़क निर्माण और डामरीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। पिछले कुछ महीनों से डामर की कमी के कारण कार्य धीमा पड़ गया था। वहीं कई स्थानों पर सड़क मार्ग में आ रहे बिजली के पोल भी बाधा बने हुए थे। अब पोल शिफ्टिंग का कार्य पूरा होने के बाद निर्माण एजेंसी ने शेष कार्यों को तेजी से पूरा करना शुरू कर दिया है।
फोरलेन का निर्माण कार्य अधूरा रहने से वाहन चालकों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई स्थानों पर सड़क का एक हिस्सा तैयार और दूसरा हिस्सा अधूरा होने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में देरी के कारण कई छोटे-बड़े हादसे भी हो चुके हैं। धूल, गड्ढों और असमान सड़क से रोजाना आवागमन करने वालों को खासी परेशानी उठानी पड़ी।
परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण शेष कार्य रेलवे स्टेशन पुल के आसपास का डामरीकरण है। यहां जलदाय विभाग की 350 एमएम व्यास की पेयजल लाइन मार्ग में आने के कारण कार्य रुका हुआ है। संबंधित विभाग की ओर से लाइन शिफ्टिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस हिस्से में भी डामरीकरण किया जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि बाधा दूर होते ही शेष कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा।
फोरलेन सड़क पूरी होने के बाद जालोर और बागरा के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा। सड़क चौड़ी होने से यातायात का दबाव कम होगा और दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है। साथ ही व्यापारिक गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी। बता दें कि जालोर-बागरा फोरलेन परियोजना 53.22 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जा रही है। यह फोरलेन करीब 18 किलोमीटर लंबा होगा। परियोजना के निर्माण के लिए 800 से अधिक पेड़ों की कटाई करनी पड़ी है, जबकि 200 से अधिक बिजली और अन्य उपयोगिता पोल भी शिफ्ट किए गए हैं।
जालोर-बागरा फोरलेन का काम अंतिम चरण में है। महत्वपूर्ण हिस्सों से पोल को हटा दिया गया है, कुछ हिस्से शेष है वहां भी कार्य किया जा रहा है। रेलवे स्टेशन पुल पर जलदाय विभाग की लाइन शिफ्टिंग के साथ बकाया डामरीकरण कर दिया जाएगा।
Updated on:
26 Jun 2026 03:14 pm
Published on:
26 Jun 2026 02:40 pm
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