Jalore News: पटवारी और युवक के बीच गाड़ी की किश्त का मामला इतना गर्माया कि बदमाश गुस्से में अपनी एसयूवी लेकर धमकाने को पहुंच गया। जानें पूरा मामला-
Jalore News: जालोर जिले के चितलवाना थाना क्षेत्र के सिवाड़ा में पटवारी और युवक के बीच गाड़ी की संभावित बकाया किश्त का मामला इतना गर्माया कि बदमाश गुस्से में अपनी एसयूवी लेकर धमकाने को पहुंच गया। पटवारी ने रिपोर्ट पेश कर बताया कि युवक उस पर गाड़ी चढ़ाने की नीयत से आया था, लेकिन ग्रामीणों के बीच बचाव के बाद वह गाड़ी लेकर फरार हो गया।
सिवाड़ा पटवारी कैलाश डउकिया ने बताया कि रविवार शाम 6 बजे पुलिस गाड़ी कार्यालय के बाहर आकर रुकी। तब वह कार्य कर रहे थे। इस दौरान पुलिस स्टाफ ने पूछा कि यह बाइक किसकी है। इस गाड़ी की किश्तें बाकी है या फिर ये चोरी की है। इस दौरान पटवारी ने गाड़ी के दस्तावेज दिखाए तो पुलिस स्टाफ वहां से चला गया।
पटवारी का कहना है कि कार्यालय से 500 मीटर दूर ही रास्ते की पैमाइश की थी। जिसके दस्तावेज एक दुकान पर पड़े थे। वह लेने के लिए गया तो एक युवक उनके पीछे पीछे पहुंचा। पटवारी का आरोप है कि युवक उसके पास आया और कहा वह फाइनेंस वाला है। गाड़ी की किश्तें बाकी है, गाड़ी छोड़ो। जिस पर पटवारी का कहना था कि गाड़ी की किश्त बाकी नहीं है। यदि फिर भी तुम्हें ऐसा लग रहा है तो पुलिस को बुला लो। आरोप है कि युवक ने एक नहीं सुनी और अपशब्द बोले और पटवारी का शर्ट खींचने लगा।
इस दौरान धक्का मुक्की भी की। मौके पर एकत्र भीड़ से उन्हें छुड़ाया और दोनों बाइक मौके पर रखवाने के साथ समझाइश का प्रयास किया। पटवारी का आरोप है जब मौके पर लोग एकत्र थे तो युवक वहां से पैदल ही कुछ दूरी पर अपने निवासी की ओर रवाना हुआ। वहां से आनन फानन में अपनी गाड़ी लेकर पहुंचा और पटवारी पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। हालांकि मौके पर भीड़ एकत्र हो जाने के बाद बदमाश गाड़ी लेकर फरार हो गया।
पटवारी का कहना है कि उसने बाइक 11 साल पहले खरीदी थी। उसकी कोई किश्त या राशि बाकी नहीं है। आरोप है कि क्षेत्र में बदमाशों का एक रैकेट सक्रिय है, जो स्वयं को फाइनेंस कंपनी का स्टाफ बताकर लोगों को धमकाते हैं।
अक्सर कई लोगों की किश्तें बाकी भी होती है। बकाया वालों को धमकाने के साथ सेटमेंट के नाम पर या तो राशि वसूल ली जाती है या फिर गाड़ी ही उठा लेते हैं। लेकिन ज्यादातर मामले में पुलिस तक प्रकरण नहीं पहुंचते, क्योंकि पीडि़त पक्ष बकायादार होता है।
इधर, पुलिस का कहना है कि युवक से प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि वह फाइनेंस का काम करता है और बाइक की नंबर प्लेट पर गाड़ी के नंबर नहीं लगे थे तो ऐसे में गफलत में उसे लगा कि गाड़ी फाइनेंस पर ली हुई है। जिसकी वसूली के लिए ही वह वहां पहुंचा था।
इधर, चितलवाना तहसील के सिवाड़ा हल्का पटवारी कैलाश डउकिया के साथ सिवाड़ा नेशनल हाइवे पर रविवार देर शाम को युवक की ओर से मारपीट के विरोध में चितलवाना पटवार संघ ने सोमवार को जालोर जिला कलक्टर के नाम चितलवाना तहसीलदार चमनलाल सियोल को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में पटवार संघ ने बताया कि रविवार शाम को सिवाड़ा में हल्का पटवारी कैलाश डउकिया के पास रविवार शाम को स्वयं को फाइनेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताते पहुंचे युवक ने अनैतिक मांग की। ज्ञापन में बताया कि इस दौरान युवक राजेश उर्फ राजूराम सियाग ने पटवारी के साथ मारपीट की। कुछ देर बाद अपनी गाड़ी लेकर पहुंचे इसी युवक ने पटवारी के ऊपर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास भी किया।
यही नहीं पटवारी के पास एक दिन पूर्व सिवाड़ा हाइवे पर की भूमि पैमाईस का पर्चा मौका फाड़ कर राजकार्य में बाधा उत्पन्न की गई। चितलवाना पटवार संघ ब्लॉक अध्यक्ष रामनिवास पंवार, वालाराम विश्नोई, दिनेश भादू, दुदाराम कुराड़ा, श्रवण कुमार, आसुराम गोयल समेत अन्य ने पटवार संघ की ओर से हल्का पटवारी के साथ हुई मारपीट को लेकर के आक्रोश जताते हुए कार्यवाही की मांग की।
मेरी बाइक की कोई किश्त बकाया नहीं है। युवक ने मेरे से बदसलूकी की और जरुरी दस्तावेज भी फाड़ दिए। मेरे ऊपर गाड़ी चढ़ाने की नीयत से गाड़ी लेकर युवक पहुंचा। मैंने रिपोर्ट पेश की है।
युवक और पटवारी के बीच विवाद हुआ था। प्रारंभिक स्तर पर सामने आया कि मामला गफलत में घटित हुआ। मामले में तथ्य जुटाने के साथ उचित कार्रवाई की जाएगी।