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Jalore : पटवारी ललिता ने मांगी 10 हजार की रिश्वत! गोपनीय सत्यापन में हुई पुष्टि, एसीबी ने दर्ज किया केस

Jalore : जालोर में फौतगी म्यूटेशन एवं भू-अधिकार हक त्याग म्यूटेशन भरने के एवज में 10 हजार रुपए रिश्वत मांगने के मामले में एसीबी ने दांतीवास पटवार हल्का की पटवारी ललिता के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
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Jalore : प्रतीकात्मक फाइल फोटो पत्रिका

Jalore : जालोर में दादा की मृत्यु के बाद फौतगी म्यूटेशन एवं भू-अधिकार हक त्याग म्यूटेशन भरने के जायज काम के एवज में 10 हजार रुपए रिश्वत मांगने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने दांतीवास पटवार हल्का की पटवारी ललिता के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। एसीबी के गोपनीय सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई, हालांकि कार्रवाई की भनक लगने के कारण आरोपी पटवारी रिश्वत की राशि प्राप्त नहीं कर सकी।

एसीबी के अनुसार परिवादी ने टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 पर सूचना देने के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसीबी जालोर के समक्ष लिखित शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि भीनमाल तहसील के दांतीवास पटवार हल्का में पदस्थ पटवारी द्वारा उसके दादाजी की मृत्यु के बाद फौतगी म्यूटेशन और भू-अधिकार हकत्याग म्यूटेशन भरने के एवज में 10 हजार रुपए रिश्वत की मांग की जा रही है।

सत्यापन में हुई मांग की पुष्टि

शिकायत के बाद एसीबी जालोर इकाई ने रिश्वत मांग का गोपनीय सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान पटवारी द्वारा परिवादी के उक्त जायज कार्य के बदले 10 हजार रुपए रिश्वत मांगना पाया गया। हालांकि, एसीबी कार्रवाई की भनक लगने के कारण आरोपी रिश्वत राशि नहीं ले सकी।

धारा 7 में दर्ज हुआ मामला

एसीबी रेंज जोधपुर की पुलिस अधीक्षक पी.डी. नित्या के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसीबी जालोर मांगीलाल राठौड़ ने तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर प्रकरण दर्ज करने की अनुशंसा के साथ एसीबी मुख्यालय जयपुर भेजी।

रिपोर्ट के आधार पर एसीबी मुख्यालय ने पटवारी ललिता के खिलाफ प्रकरण संख्या 234/2026 दिनांक 20 अगस्त 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में अग्रिम अनुसंधान जारी है।

गुरुवार को भरतपुर-कोटपूतली में एसीबी की बड़ी कार्रवाई

भरतपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने गुरुवार को जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हलैना में पदस्थापित नर्सिंग ऑफिसर ग्रेड-द्वितीय मुरारीलाल मीना को एक हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी बेरोजगारी भत्ते की उपस्थिति प्रमाणित एवं ऑनलाइन दर्ज करने के बदले परिवादी से घूस मांग रहा था। एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि परिवादी ने एसीबी चौकी भरतपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि नर्सिंग ऑफिसर मुरारीलाल मीना बेरोजगारी भत्ते की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की एवज में 500 रुपए प्रतिमाह के हिसाब से 4 माह के 2,000 रुपए रिश्वत मांगकर परेशान कर रहा है।

वहीं कोटपूतली-बहरोड़ जिले में कोटपूतली थाने के पुलिस उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह को साढ़े तीन हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों के अनुसार एसीबी चौकी अलवर को परिवादी ने शिकायत की कि उसके द्वारा बैंक के विरुद्ध न्यायालय के माध्यम से कोटपूतली थाने में दर्ज मुकदमे का अनुसंधान राजेन्द्र सिंह द्वारा किया जा रहा था। प्रकरण में आगे की कार्यवाही करने की एवज में उससे पांच हजार रुपए की रिश्वत की मांग की जा रही है।

Updated on:
21 Aug 2026 03:33 pm
Published on:
21 Aug 2026 03:33 pm