
सांचौर (जालोर): सेकेंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में पेपर आउट करने वाला मास्टरमाइंड सुरेश ढाका चार साल से पुलिस गिरफ्त से दूर है। हाल ही में नकल सरगना ढाका के पिता मांगीलाल के नाम से ब्यावर में जारी 20 करोड़ रुपए की बजरी खनन लीज की जानकारी सामने आने के बाद मामला फिर से चर्चा में है और एसओजी मामले की वित्तीय पहलुओं की जांच कर रही है। मामला इसलिए खास है कि पूर्व में भी सुरेश ढाका की ओर से परिजनों के नाम पर संपत्तियां खरीद की जानकारी सामने आई थी।
पेपर लीक मामले के बाद जुलाई 2024 जिसके बाद संपत्ति को कोर्ट ने कुर्क करने के आदेश जारी किए थे। सांचौर कलक्टर शक्ति सिंह राठौड़ (तब सांचौर जिला था) के निर्देशन में सुरेश ढाका की संपत्ति में पैतृक गांव अचलपुर के गंगासर में स्थित 3.15 हेक्टेयर जमीन कुर्क की गई थी। साल 2024 में की गई कुर्की की यह कार्रवाई पेपर लीक प्रकरण में पहली बड़ी कार्रवाई थी। आरोपी की जमीन को कुर्क किया था।
सांचौर जिला कलक्टर शक्ति सिंह ने बताया कि अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-1 उदयपुर ने आदेश जारी करके सुरेश ढाका की संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी किए थे। इसकी पालना करवाते हुए सांचौर तहसीलदार रायमलराम चौधरी के नेतृत्व में टीम भेज कर 227/2022 में आरोपी सुरेश ढाका निवासी अचलपुर पुलिस थाना सरवाना के नाम ग्राम गंगासर पटवार मंडल अचलपुर में खसरा संख्या 1359/12 में रकबा 3.15 हेक्टेयर को न्यायालय के निर्देश पर कुर्क की हैं, जिसके बाद तहसीलदार को रिसीवर नियुक्त किया गया।
सुरेश ढाका पहले महाराष्ट्र में रहता था, लेकिन वहां पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला होने के बाद जयपुर आ गया। जयपुर में नेताओं के साथ संपर्क करके उनके सोशल मीडिया पेज हैंडल करने लगा। इस दौरान पेपर लीक प्रकरण से जुड़े लोगों के साथ जुड़ा और एक के बाद एक पेपर लीक किए, लेकिन उदयपुर में सेकेंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा पेपर आउट में नाम चर्चा में आया। अब इसी मामले में ढाका के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
पेपर लीक गिरोह का मास्टरमाइंड सुरेश ढाका जालोर के सांचौर से 20 किलोमीटर दूर स्थित अचलपुर गांव का रहने वाला है। उसके पिता सरपंच रहे हैं। सुरेश का आपराधिक रिकॉर्ड रह चुका है। वह मनी लॉड्रिंग और दूसरी बार पेपर लीक केस में जेल जा चुका है।
राजस्थान में वरिष्ठ अध्यापक पेपर लीक मामले में ईडी ने कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड सुरेश ढाका की जयपुर स्थित संपत्ति को सीज कर लिया गया था, जिसमें ईडी ने सुरेश ढाका के वैशाली नगर स्थित फ्लैट, बगरू स्थित फैक्ट्री, हीरापुरा पावर हाउस स्थित मकान को सीज किया था। सुरेश के खिलाफ पेपर लीक के 10 से अधिक केस दर्ज होने के बावजूद आज तक पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई है। दूसरी तरफ परिवार के सदस्यों के पास बेतहाशा संपत्ति पर सवालिया निशान जरूर खड़े हैं।