Indian Railway News: समदड़ी-भीलड़ी रेल खंड में समदड़ी से मोदरान के बीच रेलवे ने स्पीड ट्रायल किया, जिसमें ट्रेन को 121 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ाया गया।
जालोर। समदड़ी-भीलड़ी रेल खंड में मोदरान-समदड़ी के बीच स्पीड टेस्ट किया गया। रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी में समदड़ी से मोदरान स्टेशन के बीच ट्रेन को 121 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ाया गया। इस ट्रायल के दौरान ट्रेन मात्र 1 घंटा 10 मिनट में मोदरान तक पहुंची। सफल ट्रायल के बाद रेलवे अधिकारियों ने संतोष जताया। अब यह रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी और उसके बाद इस दायरे को 110 किमी की रफ्तार के लिए फिट घोषित किया जाएगा। इसके बाद बढ़ी हुई रफ्तार के साथ 94 किमी दायरे में ट्रेनें दौड़ेंगी।
समदड़ी-लूनी-जोधपुर तक वर्तमान में स्पीड 110 किमी प्रतिघंटा तक बढ़ाई जा चुकी है। जबकि मोदरान-समदड़ी दायरे में अब तक सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनें अधिकतम 100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से संचालित हो रही थीं। अब हुए स्पीड ट्रायल के बाद जल्द ही इस दायरे में ट्रेनें 110 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ेंगी। दूसरे चरण में मोदरान से भीलड़ी के बीच 125 किमी दायरे में भी जल्द ही स्पीड ट्रायल होगा। इसके बाद इस पूरे रूट के 223.44 किमी लंबे सफर में करीब 30 मिनट तक समय की बचत होगी।
रेल रूट की स्थिति पर ट्रैक की स्पीड निर्भर करती है। समदड़ी-भीलड़ी के बीच 223.44 किमी दायरा अब तक डीई कैटेगरी में है। अब समदड़ी से मोदरान के बीच स्पीड टेस्ट के बाद फिट प्रमाण पत्र मिलने पर इसे डी स्पेशल कैटेगरी में रखा जाएगा और रूट की स्पीड 100 से बढ़कर 110 किमी हो जाएगी। इसी तरह ए कैटेगरी में ट्रेन की स्पीड 160 किमी प्रतिघंटा, बी कैटेगरी में 130 किमी प्रतिघंटा और सी कैटेगरी में 120 से 125 किमी प्रतिघंटा होती है।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुए इस स्पीड टेस्ट के दौरान बागरा यार्ड में स्पीड कम की गई। यहां पटरियों की स्लीपर बदलने का काम चल रहा था। ऐसे में यहां 30 किमी प्रतिघंटा के कॉशन से ट्रेन गुजरी।
सामरिक महत्व के समदड़ी-भीलड़ी रेल खंड में दोहरीकरण कार्य के साथ ही पटरियों की कैटेगरी में बदलाव का काम चल रहा है। वर्तमान में यह कार्य लगभग 60 फीसदी तक पूरा हो चुका है। रेलवे के अनुसार भविष्य में इस रूट को 130 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार तक अपग्रेड करने का लक्ष्य रखा गया है।
समदड़ी से मोदरान के बीच स्पीड ट्रायल किया गया। ट्रैक को अपग्रेड करने की यह अहम प्रक्रिया है। भविष्य में रूट की गति सीमा में इजाफा होगा।
- अनुराग त्रिपाठी, मंडल रेल प्रबंधक, जोधपुर