जमुई

65 साल का दूल्हा, 62 साल की दुल्हन; बुजुर्ग जोड़े ने मंदिर में रचाई शादी, एक साल साथ रहने के बाद लिया फैसला

Unique Wedding Bihar:  बिहार के जमुई में 65 साल के चपत मांझी और 62 साल की आशा देवी ने समाज के तानों से परेशान होकर मंदिर में शादी कर ली। दोनों ही अपने जीवनसाथी के निधन के बाद बिल्कुल अकेले थे और पिछले एक साल से साथ रहकर एक-दूसरे का सुख-दुख बांट रहे थे।

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May 17, 2026
दूल्हा चपट मांझी और दुल्हन आशा देवी

Unique Wedding Bihar:बिहार के जमुई जिले के खैरा थाना क्षेत्र में पड़ने वाले डुमरकोला गांव में हुई एक शादी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। यहां 65 साल के चपत मांझी और उनकी पड़ोसी 62 साल की आशा देवी ने सामाजिक रीतियों को दरकिनार करते हुए महादेव सिमरिया मंदिर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शादी कर ली। इस शादी की सबसे खास बात यह थी कि यह जोड़ा पिछले एक साल से बिना किसी संबंध के एक दूसरे के साथ रह रहा था। जिस वजह से उन्हें ताने भी सुनने पड़ते थे।

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पड़ोसी थे दोनों

गांव में चपत मांझी और आशा देवी के घर ठीक एक-दूसरे के सामने हैं। इसलिए वे एक-दूसरे को सालों से जानते हैं। दोनों अपने-अपने जीवन में बहुत अकेला और असुरक्षित महसूस करते थे। करीब एक साल पहले उन्होंने एक ही छत के नीचे रहने का फैसला किया ताकि वे एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ दे सकें और रोज के कामों में एक-दूसरे की मदद कर सकें। हालांकि, एक बुजुर्ग पुरुष और महिला का बिना किसी रिश्ते के एक साथ रहना गांव वालों को रास नहीं आया।

तानों से तंग आकर की शादी

गांव वालों ने उनके साथ रहने के तरीके पर सवाल उठाना शुरू कर दिया। बुजुर्ग जोड़े को रोज तानों और मजाक का सामना करना पड़ रहा था। रोज-रोज के इन मानसिक तानों से तंग आकर दोनों ने आखिरकार तय किया कि वो मंदिर में शादी कर लेंगे और समाज के सामने अपने इस रिश्ते को नाम देकर हमेशा के लिए लोगों का मुंह बंद कर देंगे।

चपत मांझी की चौथी शादी

यह चपत मांझी की चौथी शादी है। उनकी पहली पत्नी का निधन लगभग 15 साल पहले हो गया था। इसके बाद उन्होंने एक-एक कर तीन और शादियां कीं, लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया और उनकी पिछली तीनों पत्नियों का अलग-अलग समय पर निधन हो गया। चपत मांझी का एक बेटा और एक बहू भी है, जो काम के सिलसिले में गांव से बाहर रहते हैं।

चपत मांझी ने बताया कि बढ़ती उम्र और अकेलेपन के कारण उनकी बुनियादी जरूरतों का ध्यान रखने वाला कोई नहीं था, चाहे वह खाना खिलाना हो या बीमार पड़ने पर ख्याल रखना हो। वह पूरी तरह से लाचार हो गए थे। इस मुश्किल के समय में आशा देवी ने एक पड़ोसी के तौर पर उनकी देखभाल शुरू कर दी, जिससे दोनों के बीच अपनापन गहरा हो गया और फिर रिश्ता यहां तक पहुंच गया।

पति की मौत के बाद, बेटी ने भी मुंह फेर लिया

दूसरी ओर 62 साल की दुल्हन आशा देवी का जीवन भी दुखों से भरा रहा है। उनके पति का लगभग दो साल पहले निधन हो गया था। उनकी एक बेटी है, जिसने अपनी शादी के बाद अपनी बुज़ुर्ग मां का देखभाल करना पूरी तरह से बंद कर दिया। आशा देवी के लिए अकेले जीवन बिताना मुश्किल होता जा रहा था। जब उन्होंने चपत मांझी की बीमारी और अकेलेपन को देखा, तो उन्होंने उनके घर के कामों में मदद करना शुरू कर दिया। आशा देवी के अनुसार वे दोनों एक-दूसरे का सहारा बन रहे थे। फिर भी, उनकी मुश्किलों को समझने के बजाय समाज ने उन पर उंगलियां उठाना शुरू कर दिया। इसलिए उन्होंने भगवान महादेव की शरण में जाकर शादी कर ली।

पिता की शादी से बेटा नाराज

इस शादी ने परिवार के भीतर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। चपत मांझी के बेटे अजय मांझी ने अपने पिता के फैसले पर नाराजगी जाहीर की है। अजय का कहना है कि जीवन के इस ढलते पड़ाव पर पिता का दोबारा शादी करने का फैसला परिवार की प्रतिष्ठा के लिए अच्छा नहीं है। अजय ने कहा कि अब वो अपने घर में न तो अपने पिता को और न ही अपनी नई सौतेली मां को जगह देगा।

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Published on:
17 May 2026 11:29 am
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