- चोरी की वारदात को अंजाम कोई और नहीं बल्कि उसी बंद टॉकिज में काम करने वाले युवकों ने दिया था।
जांजगीर-सक्ती. सक्ती के संतोष टॉकिज से हुई चोरी की गुत्थी मंंगलवार को पुलिस ने सुलझा ली है। क्राइम ब्रांच की टीम व एएसडीओपी सक्ती अमित पटेल की टीम ने सप्ताह भर के भीतर चोरी के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे चोरी के सामान भी जब्त कर लिया है। चोरी की वारदात को अंजाम कोई और नहीं बल्कि उसी बंद टॉकिज में काम करने वाले युवकों ने दिया था। चोरी की गुत्थी सुलझने पर पुलिस ने राहत की सांस ली है।
सक्ती के संतोषी टॉकिज के एक कमरे से अज्ञात चोरों ने 27 जुलाई को सोने-चांदी के जेवर, 12 बोर की बंदूक और जिंदा कारतूस समेत तकरीबन सवा लाख रुपए का माल पार कर दिया था। दरअसल बंद टॉकिज के एक कमरे में प्रकाश सिंह पिता रामनारायण का बाबा रहता है और उसके कमरे से चोरी हुई थी। मामले की रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ जुर्म दर्ज कर जांच कर रही थी। जांच के दौरान पुलिस ने संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
जांच पड़ताल के दौरान पुलिस ने मुखबिर लगाए थे, जो संदिग्ध लोगों पे नजर रखे हुए थे। इस दौरान पता चला कि नवापारा डोड़की का राजेंद्र यादव जो टाकिज में साफ-सफाई का काम करता है। कुछ दिनों से उसकी गतिविधि में बदलाव आ रहा है। वह अनाप-शनाप खर्च करने लगा है। उसके पाकेट में महंगी मोबाइल भी है। क्राइम ब्रांच की टीम ने संदेही राजेंद्र यादव को तलब किया। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह प्रेम कुमार दिनकर एवं भरत दिनकर के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया है।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
चोरी के आरोपियों ने बताया कि तीनों मिलकर टाकिज के अंदर रखे 12 बोर का बंदूक, एक जिंदा कारतूस, एक मोबाइल के अलावा आलमारी को उठाकर तालाब के किनारे ले गए और उसका ताला तोड़कर नगदी रकम व जेवर पार कर दिए। उसमें रखे कागजात को तालाब में फेंक दिए थे। चोरी में मिले माल को आपस में बांटना स्वीकार किए। जिसमें तीनों को 22912 रुपए बंटवारा मिलना बताया।
तीनों के कब्जे से 35 हजार रुपए के जेवर व मोबाइल के अलावा बंदूक को जब्त कर लिया गया है। जब्त बंदूक प्रेम कुमार दिनकर के पास मिला। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 457, 380 के तहत जुर्म दर्ज कर न्यायिक रिमांड में भेज दिया है।