जांजगीर चंपा

सीमांकन के बाद प्रशासन ने गाड़ा लाल झंडा, कब्जाधारकों ने शुरू की बदमाशी, झंडा उखाड़ दूसरी जगह लगाया

ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम विकास की राशि निकालने के बाद भी सरपंच सचिव ने सीसी रोड का निर्माण और हैंडपंप सहित तालाब की साफ सफाई नहीं कराई।
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सीमांकन के बाद प्रशासन ने गाड़ा लाल झंडा, कब्जाधारकों ने शुरू की बदमाशी, झंडा उखाड़ दूसरी जगह लगाया
सीमांकन के बाद प्रशासन ने गाड़ा लाल झंडा, कब्जाधारकों ने शुरू की बदमाशी, झंडा उखाड़ दूसरी जगह लगाया

जांजगीर-चांपा. अकलतरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत झलमला में सरपंच सचिव की मिली भगत से लाखों रुपए के बंदरबांट सहित गांव की 82 एकड़ जमीन को निजी हाथों में दिए जाने की तैयारी की जा रही थी। समय रहते कुछ पंच व ग्रामीणों ने इसके खिलाफ आवाज उठाई। कलेक्टर से शिकायत की। इसके बाद मामले में जांच के लिए जन सुनवाई हुई। जन सुनवाई में सरपंच सचिव की गलती सामने आई।

कलेक्टर के निर्देश पर पटवारी और अन्य अधिकारी झलमला पहुंचकर सीमांकन का कार्य कर जमीन में लाल झंडा गाड़ा। इस कार्रवाई के बाद भी गांव के कुछ लोग जो शासकीय जमीन पर कब्जा किए हुए हैं वह लोग उस झंडे को उखाड़ कर दूसरे की जमीन पर गाड़ रहे हैं। इस कार्रवाई से गांव के लोग खुश तो हैं, लेकिन उनका रोष अभी भी कम नहीं है। उनका कहना है कि गांव के सरपंच-सचिव को क्यों बख्शा जा रहा है। इस तरह तो अन्य ग्राम पंचायतों के सचिव व सरपंचों का मनोबल बढ़ जाएगा।

जानकारी के मुताबिक झलमला ग्राम पंचायत की सरपंच निर्मला राज और सचिव मनाराम केंवट ने मिलकर गांव की 82 एकड़ जमीन जो कि ग्रामीणों के चारागाह के रूप में काम आ रही उसे रुपए का लेनदेन करके एक निजी एनजीओ के हांथ में सौपने का प्रस्ताव कर दिया था। इतना ही नहीं ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम विकास की राशि निकालने के बाद भी सरपंच सचिव ने सीसी रोड का निर्माण और हैंडपंप सहित तालाब की साफ सफाई नहीं कराई।

कई ग्रामीणों के शौचालय की प्रोत्साहन राशि निकाल ली गई, लेकिन उन्हें पैसा नहीं दिया गया। इस बात से नाराज ग्रामीणों ने आवदेन के माध्यम से कलेक्टर से शिकायत की। कलेक्टर के निर्देश पर झलमला ग्राम पंचायत में आम सभा आयोजित कर अकलतरा सीईओ अन्वेश घृतलहरे, तहसीलदार, सूर्यकांत साय, पंचायत इंस्पेक्टर फागूराम त्रिघोष्टी ने ग्रामीणों की शिकायत को लिपिबद्ध किया और उसे लेकर सरपंच सचिव का भी जवाब मांगा।

ग्रामीणों में नहीं दिखा चेतावनी का असर
पत्रिका में खबर प्रकाशन के बाद तहसीलदार अकलतरा ने मौके पर पटवारी को भेज कर लीज की जमीन पर लाल झंडा लगवाया और उसमें कोई भी हस्तक्षेप न करने की चेतावनी भी दी। लेकिन इस चेतावनी का असर ग्रामीणों ने नहीं दिखा। सुबह होते ही वहां अज्ञात व्यक्ति के द्वारा झंडा को हटा दिया था, जिससे गांव में फिर विरोध का स्वर सुनाई दे रहा है।

सचिव के बर्खास्तगी की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि सचिव उनके पड़ोसी गांव का है। इससे वह झलमला गांव से द्वेश रखता है और गांव के चारागाह की जमीन का सौदा कर डाला। इतना ही नहीं तालाब सफाई के नाम पर लाखों रुपए डकार गया। शौचालय निर्माण की राशि तक लोगों को नहीं दी गई। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि वह सचिव के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई करें, नहीं तो वह चक्काजाम करने को मजबूर होंगे।

Published on:
07 Aug 2018 01:30 pm
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