प्रभारी सीईओ ऋषा ठाकुर ने अधिवक्ता संघ के सदस्यों को गंवार कहते हुए बाहर का रास्ता दिखा दिया
पामगढ़. डिप्टी कलेक्टर एवं पामगढ़ जनपद की प्रभारी सीईओ ऋषा ठाकुर ने अधिवक्ता संघ के सदस्यों को गंवार कहते हुए दफ्तर से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इससे नाराज अधिवक्ता संघ के सदस्य दफ्तर के बाहर जमीन पर धरने में बैठ गए। उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया।
विरोध की जानकारी सुनकर एसडीएम व पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और अधिवक्ताओं को शांत कराया।
गुरुवार को जनपद सीईओ कार्यालय में उस वक्त हंगामा हो गया जब सीईओ ऋषा ठाकुर ने अधिवक्ता संघ के सदस्यों को बाहर जमीन पर बैठकर इंतजार करने को कह दिया।
जिस जगह अधिवक्ता संघ के सदस्यों को बैठने कहा गया था, वहां बैठने की भी कोई सुविधा नहीं थी। सभी अधिवक्ता डिप्टी कलेक्टर के बर्ताव से नाराज होकर एक घंटे तक जमीन पर बैठकर ऋषा ठाकुर से मिलने का इंतजार करते रहे। अधिवक्ता संघ के सदस्यों का कहना है कि वे सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगने सीईओ कार्यालय पहुंचे हुए थे।
अधिवक्ता बिना पूछे ही उनके चेंबर में घुस गए। इसके कारण सीईओ भड़क उठीं। उन्हें बाहर जाने कह दिया। फिर अधिवक्ता पर्ची देकर विधिवत अंदर प्रवेश करने पर्ची लिखकर दी। इसके बाद सीईओ ने उन्हें नहीं बुलाया। इसके बाद अधिवक्ता संघ एक हो गए।
देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई। डिप्टी कलेक्टर के इस तरह बुरे बर्ताव से अधिवक्ता संघ उग्र हो गए और मुख्य कार्यपालन अधिकारी के दफ्तर का घेराव कर दिया। साथ ही अधिवक्ताओं ने सीईओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी किया। एसडीएम अजय किशोर लकड़ा मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं को शांत कराया।
इस दौरान ब्रजेश सिंह, संदीप देवांगन, मनोज खरे, कांति दिव्य, मणिशंकर गौरहा, मुरलीधर सिंह, चंदराम, प्रेमकुमार खरे, नर्मदा लाल, गोपाल यादव, भागवत कश्यप, मनोज सिंह, आशुतोष सिंह, शांति कौशिक, जयकुमार आदिले, हीरेंद्र जांगड़े, शिवप्रसाद साहू, गोपाल प्रसाद कौशिक, अनिल गुप्ता, उसतराम कश्यप, जितेंद्र शर्मा, जयपाल बंजारे, ओपी राय सागर, एनके जोशी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।