...नहीं तो हो सकता था बड़ा हादसा
जांजगीर-चांपा. गुरुवार को तड़के सिंचाई विभाग द्वारा 18 करोड़ की लागत से निर्मित सोंठी हथनेवरा एनीकट भरभराकर बह गई। सुबह छह बजे एनिकट से गुजर रहे लोगों की नजरें अचानक तब ठिठक गई जब वे एनीकट पार करने वाले थे। अच्छा हुआ जब उनकी नजरें रास्ते पर पड़ गई नहीं तो और बड़ा हादसा हो सकता था। एनीकट के बहने की सूचना पाकर सिंचाई विभाग के अफसरों ने मौका मुआयना किया और मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई। भ्रष्टचार के एनीकट के सवाल जवाब करना न पड़े जिसे देखते हुए सिंचाई विभाग के आला अफसरों ने अपना फोन बंद कर दिया है और जिम्मेदारी से मुक्ति पाने अब वे बचते नजर आ रहे हैं।
सरकार के इमानदारी के एनीकट की पोल उस वक्त खुल गई जब सोंठी हथनेवरा के बीच बने 18 करोड़ का एनीकट तड़के बह गया। दिलचस्प बात यह है कि यह एनिकट वर्ष 2011 में ही हैंडओवर हुआ था और एनीकट को बने मात्र सात साल ही हुआ है। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सिंचाई विभाग के अफसरों ने एनीकट के निर्माण में कितनी लीपापोती की है।
अफसर दे रहे यह दलील
सिंचाई विभाग के अफसर अब यह दलील दे रहे हैं कि नदी में अचानक क्षमता से अधिक पानी छोड़ दिया गया। यही वजह है कि एनीकट पानी की धार को झेल नहीं पाई और गेट को तोड़ते हुए बह गई। अब हसदेव नदी में पानी लबालब भर गया है। ऐसे में निचले इलाके में बाढ़ की नौबत आ गई है।