जांजगीर चंपा

Big Incident: पिकनिक या मौत का स्पॉट! बिलासपुर के 3 युवक हसदेव नदी में डूबे, गोताखोरों ने शुरू की तलाश

Big Incident: बलौदा थाना क्षेत्र के देवरी चिचोली पिकनिक स्पॉट में बिलासपुर से पहुंचे तीन युवक हसदेव नदी में डूब गए। पानी में डूबे तीनों युवकों का सुराग फिलहाल नहीं लगा है।
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दर्दनाक हादसा... पिकनिक मनाने गई युवती समेत दो युवक हसदेव नदी में डूबे, तलाश जारी(photo-patrika)
दर्दनाक हादसा... पिकनिक मनाने गई युवती समेत दो युवक हसदेव नदी में डूबे, तलाश जारी(photo-patrika)

Big Incident: बलौदा थाना क्षेत्र के देवरी चिचोली पिकनिक स्पॉट में बिलासपुर से पहुंचे तीन युवक हसदेव नदी में डूब गए। पानी में डूबे तीनों युवकों का सुराग फिलहाल नहीं लगा है। डूबने वालों में स्वर्ण रेखा ठाकुर निवासी सरकंडा बिलासपुर, अंकुर ठाकुर कुशवाह निवासी जोरापारा एवं आशीष भोई अशोक नगर के हैं। इसके अलावा लक्ष्मीशंकर पिता स्व तुलाराम अर्जुनी अकलतरा एवं मोनिका सिन्हा पिता स्व. बहरा सिन्हा पुलिस कालोनी तिफरा जो सुरक्षित हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। आखिर घटना कैसे हुई।

पुलिस गोताखोरों के माध्यम से डूबे युवकों की तलाश कर रही है। बलौदा पुलिस के मुताबिक बिलासपुर के 5 लोग शनिवार को यहां पिकनिक मनाने आए थे। सभी खाना खाकर नदी में स्नान कर रहे थे। जिसमें तीन युवक अचानक से डूब गए। पुलिस गोताखोरों के माध्यम से तीनों की तलाश कर रही है। तीनों की पहचान अभी नहीं हो पाई है।

सुरक्षा के उपाय हों या बंद किया जाए यह स्पॉट

आपको बता दें कि देवरी चिचोली अब पिकनिक स्पाट नहीं बल्कि मौत का स्पॉट बन चुका है। जिला प्रशासन को चाहिए कि अब इसे बंद देना चाहिए। यहां हर साल चार से पांच लोगों की मौत डूबने से जाती है। विजय अग्रवाल जब यहां एसपी थे तब यहां कई तरह के उपाय किए थे। जगह जगह सूचना पटल लगवाया था। पुलिस की तैनाती की गई थी। इसके अलावा दुर्घटना वाले स्थान पर बेनर पोस्टर लगवाए थे। इसके बाद भी लोग यहां मस्ती के मूड में स्नान करते हैं फिर गहरे पानी में चले जाते हैं। फिर निकल नहीं पाते।

किसी पनौती से कम नहीं

यहां पत्थर के चिकने चट्टान उसके बीच पानी की धार, लोगों के जान के दुश्मन कहें या पनौती से कम नहीं है। युवा जिन्हें तैरना नहीं आता वही ज्यादा उछल कूद करते हैं। आखिरकार उनकी जान चली जाती है। बाद में दूसरे तीसरे दिन शव में जब पानी भर जाता है तब शव ऊपर आता है। तब तक गोताखोंरों को पानी के बीच रहकर चौबीसों घंटे तलाश करनी पड़ती है।

Updated on:
05 Oct 2025 10:48 am
Published on:
05 Oct 2025 10:48 am