CG Durga Pandal: जांजगीर-चांपा जिले में शारदीय नवरात्रि के दौरान शहर से लेकर पूरे जिले में सैकड़ों स्थानों पर मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की झांकियां लगाई जाएंगी। जिले के प्रत्येक गांव व कस्बों में चौक, चौराहों पर भी माता रानी की झांकियां सजाने की तैयारी चल रही है।
CG Durga Pandal: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में शारदीय नवरात्रि के दौरान शहर से लेकर पूरे जिले में सैकड़ों स्थानों पर मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की झांकियां लगाई जाएंगी। जिले के प्रत्येक गांव व कस्बों में चौक, चौराहों पर भी माता रानी की झांकियां सजाने की तैयारी चल रही है। मूर्तिकार मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों को गढ़ रहे हैं और आकार दे रहे हैं। इस बार नैला के विशाल पांडाल में 5 विशाल शेरों के स्वर्णिम रथ पर मां दुर्गा सवार होंगी।
CG Durga Pandal: बुर्ज खलीफा फेम लेजर शो आकर्षण का केन्द्र रहेगा। नैला स्टेशन की मां दुर्गा की प्रतिमा और भव्य प्रवेश द्वार हर साल प्रदेश ही नहीं देशभर में प्रसिद्धि के लायक रहता है। पिछले साल राममंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल आकर्षण का केंद्र बना हुआ था तो इसके पूर्व माहेष्मति महल। इस बार भी श्रीश्री दुर्गा पूजा उत्सव सेवा समिति नैला का दुर्गोत्सव जिला और प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में चर्चित होगा।
समिति के अध्यक्ष राजू पालीवाल ने बताया कि यह आयोजन का 41वां वर्ष होगा। मां दुर्गा की ऊंची और प्रतिमा बनाई जाएगी। जो स्वर्ण सिंहासन पर विराजमान रहेगी। पूरे पंडाल में आकर्षक लाइटें रहेगी। वहीं अरूण मंदिर की भव्यता रात में विशेष लाइट से और मनमोहक दिखेगी। विश्व प्रसिद्ध भगवान अरूण देव मंदिर के तर्ज पर विशाल पांडाल बनाया जाएगा। साथ ही मां दुर्गा समेत सारी मूर्तियां मिट्टी से तैयार की जा रही है। अरूण देव मंदिर की तर्ज पर विशाल पांडाल बनाया जा रहा है। पांडाल का काम अंतिम स्टेज में चल रहा है। थाइलैंड के प्रसिद्ध भगवान अरुण देव के मन्दिर की प्रतिकृति का 160 फीट ऊंचा और 150 फीट चौड़ा भव्य प्रवेश द्वार को कारीगर अंतिम रूप देने में जुटे हुए है।
अंतरराष्ट्रीय याति प्राप्त लाइट डेकोरेटर रियाज अहमद द्वारा भव्य लाइट और लेजर शो (बुर्ज खलीफा फेम) आकर्षण का केन्द्र रहेगा। प्रसिद्ध मूर्तिकार प्रदीप देवांगन भटगांव द्वारा निर्मित माता रानी की 5 विशाल शेरों के स्वर्णिम रथ पर सवार 35 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा बनाई जा रही है। वर्तमान में प्रतिमा की भी रंगाई-पुताई का काम चल रहा है। भारत प्रसिद्ध थर्माकोल कलाकार अशोक पांचाल द्वारा भव्य आंतरिक साज सज्जा, लावर डेकोरेटर जयंतो दादा द्वारा लॉवर वैली का निर्माण किया जा रहा है।
महंगाई के इस दौर में अन्य वस्तुओं की तरह मिट्टी और मटेरियल के दाम भी हर वर्ष बढ़ते जा रहे हैं। जिले में कई जगह मां दुर्गे की प्रतिमाएं बनाने वालों ने डेरे डाल लिए हैं। बंगाल से आए मूर्तिकार सुनील पाल ने बताया कि इस बार मां दुर्गे की प्रतिमाओं की लागत अधिक आने से इनकी कीमत पंद्रह फीसदी महंगी होना बताई जा रही है। इनकी बुकिंग भी शुरु हो गई है। जिले में मिट्टी से प्रतिमाएं तैयार हो रही हैं।