जांजगीर चंपा

CG Medical News: टीबी के खात्मे के लिए 100 दिन चलेगा अभियान, नि:शुल्क होगा मरीजों का उपचार

CG Medical News: जांजगीर-चांपा जिले से टीबी के मरीज को खात्मे को लेकर 100 दिन पहचान व उपचार अभियान का शुभारंभ किया गया। इसमें जिले के सभी 11 लाख लोगों के घर-द्वार जाकर स्क्रीनिंग की जाएगी।

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CG Medical News: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से टीबी के मरीज को खात्मे को लेकर 100 दिन पहचान व उपचार अभियान का शुभारंभ किया गया। इसमें जिले के सभी 11 लाख लोगों के घर-द्वार जाकर स्क्रीनिंग की जाएगी।

साथ ही पॉजिटिव मिलते ही तत्काल उपचार के साथ पौष्टिक आहार मिलेगा। भारत को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान शुरू किया गया है। इसके साथ ही मलेरिया व कुष्ठ मरीजों की भी पहचान की जाएगी। उसका भी इलाज शुरू किया जाएगा।

CG Medical News: नि:शुल्क स्वस्थ होंगी टीबी के मरीज

CG Medical News: निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ 100 दिवसीय पहचान एवं उपचार अभियान प्रारंभ किया गया है। इसके तहत जिला मुयालय के ऑडिटोरियम में निक्षय-निरामय छत्तीसगढ़ 100 दिवसीय पहचान एवं उपचार अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम 7 दिसंबर से 23 मार्च 2025 तक 4 चरण में आयोजित किया जाएगा। आडिटोरियम में निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत 100 दिनों तक टीबी, मलेरिया एवं कुष्ठ रोगियों की पहचान की जाएगी तथा उनका उपचार किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंतर्गत ऐसे लोगों का भी समान किया गया, जिन्होंने टीबी और कुष्ठ जैसी बीमारियों से लड़ाई लड़ी और आज स्वस्थ जीवन का आनंद उठा रहे हैं। इस दौरान छत्तीसगढ़ सहित जिले को टीबी, कुष्ठ मुक्त बनाने शपथ ली गई। इस दौरान निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ रथ को हरी झंडी दिखाकर विधायक एवं अतिथियों ने रवाना किया।

पॉजिटिव मिलते ही उपचार के साथ मिलेगा पौष्टिक आहार

इन 100 दिनों में स्वास्थ्य विभाग के अलावा 14 अन्य विभागों के सहयोग से टीबी रोगियों को ढूंढकर निकाला जाएगा तथा टीबी पॉजिटिव पाए जाने पर उनका नि:शुल्क उपचार किया जाएगा। वहीं निजी अस्पतालों में जो जांचे 4500 से 5000 रुपए में होती है, यहीं जांचे जिला अस्पताल में नि:शुल्क किया जाता है। ज्ञात हो कि गांवों में टीबी मरीज जांच कराने तथा उपचार करने के लिए शासकीय अस्पतालों में नहीं पहुुंचते थे।

समय पर उपचार नहीं मिलने की वजह से उनकी मृत्यु हो जाती थी। शासन टीबी से होने वाली मृत्यु दर को कम के लिए यह सघन 100 दिन टीबी मुक्ती अभियान चला रही है। देश में हर साल 26 लाख से ज्यादा लोग टीम से प्रभावित होते हैं, जिसमें लगभग 4 लाख की मृत्यु हो जाती है। मरीजों को इलाज के अलावा पौष्टिक आहार की भी जरूरत होती है, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो के लिए एक बड़ी चुनौनी बन जाता है।

जोखिम वाले मरीजों पर ज्यादा फोकस

मितानिने घर-घर दस्तक देंगी। इस अभियान के तहत सबसे ज्यादा फोकस उच्च जोखिम वाले मरीज जैसे पूर्व टीबी मरीज, वर्तमान टीबी मरीज व इनके संपर्क में आने वाले, एड्स, कुपोषित सहित अन्य बीमारी वाले मरीजों पर खबर ली गई। ऐसे मरीजों को तत्काल नजदीक के स्वास्थ्य केन्द्रों में एक्सरे कराया जाएगा।

Updated on:
08 Dec 2024 01:40 pm
Published on:
08 Dec 2024 01:07 pm
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