बच्चों को सड़क पर बिखरे पटाखे उठाते देखा, तब मन में खयाल आया कि इन बच्चों को पटाखे दिलाकर उनकी खुशियों में शामिल हुआ जाए।
विप्लव सेवा व शिक्षण संस्था बच्चों के सर्वांगीण विकास में जुटी हुई हैं, खासकर गरीब वर्ग के जो अभावों के बीच जीवन गुजार रहे हैं। संस्था के विकास मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2003 में जब दीपावली त्योहार के समय सुबह कुछ बच्चों को सड़क पर बिखरे पटाखे उठाते देखा, तब मन में खयाल आया कि इन बच्चों को पटाखे दिलाकर उनकी खुशियों में शामिल हुआ जाए।
इसके लिए अपने साथियों से बात करने पर उनका भी उत्साहवर्धन मिला और पांच साथियों के साथ यह कार्य प्रारंभ हुआ। इसके बाद उनकी टीम का काफिला बढ़ता गया और 70 लोगों के साथ विप्लव संस्था कार्य कर रही है। इस संस्थान से ज्यादातर विद्यार्थी वर्ग जुड़े हैं और सभी अपने जेब खर्च से कुछ राशि बचाकर बच्चों को पटाखों के साथ उनके पढऩे का सामान वितरित करते हैं।
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शुरूआती दौर में शहर से ही प्रारंभ किया गया था, जो आज ग्रामीण अंचलों में पहुंच गया है और कई गांवों में बच्चे दीपावली त्योहार के समय उनकी टीम का इंतजार करते हैं। मिश्रा ने बताया कि उनकी टीम बच्चों को पढऩे में भी मदद करते हैं और स्कूल फीस भी उपलब्ध कराया जाता है।
साथ ही किसी बच्चे को चिकित्सकीय सुविधा की आवश्यकता पडऩे पर वह भी मुहैया कराई जा रही है। साथ ही उनकी टीम के डॉक्टर सदस्य अपना समय निकालकर ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को स्वास्थ्य सुविधा दे रहे हैं। उन्होंने जल्द ही संस्था का कार्यक्षेत्र बढ़ाने की बात कही। उन्होंने बच्चों व पालकों के साथ अपने साथियों से आग्रह किया कि अपने लक्ष्य पर चलें और दूसरों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहें।