Chhattisgarh Crime: जमीन विवाद में के चलते बुधवार की रात उसने अपने बेटे गोलू कश्यप के साथ मिलकर सोते हुए परिवार पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला किया और चारों को मौत के घाट उतार दिया।
Chhattisgarh Crime: जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के भवंतरा गांव से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बेटे ने जमीन और संपत्ति के विवाद में अपने ही बुजुर्ग माता-पिता, भतीजे और भतीजी की कुल्हाड़ी से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस खूनी खेल को आरोपी ने अपने सगे बेटे के साथ मिलकर अंजाम दिया। हालांकि, वारदात के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए पिता-पुत्र दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मृतकों की पहचान मेदनी प्रसाद कश्यप (70 वर्ष), उनकी पत्नी शांति बाई (65 वर्ष), नाती पीताम्बर कश्यप (16 वर्ष) और नातीन मोंगरा (25 वर्ष) के रूप में हुई है। यह परिवार गांव में अपने एक निर्माणाधीन नए मकान के पास स्थित पुराने घर में रह रहा था। बुधवार की रात सभी लोग रोजाना की तरह खाना खाकर सोने चले गए थे। गुरुवार सुबह जब निर्माण कार्य के लिए राजमिस्त्री और मजदूर वहां पहुंचे, तो घर के भीतर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। घर के अंदर खाट पर चारों की खून से लथपथ लाशें पड़ी हुई थीं। सामूहिक हत्याकांड की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए जांजगीर-चांपा एसपी निवेदिता पाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप, एफएसएल टीम, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और डॉग स्क्वॉड के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान खोजी कुत्ता घटनास्थल से सीधे मृतक के बड़े बेटे सोनसाय कश्यप के घर जाकर रुक गया। इस सुराग के आधार पर पुलिस ने संदेह के घेरे में आए सोनसाय को हिरासत में लिया।
जब पुलिस ने मनोवैज्ञानिक और कड़ाई से पूछताछ की, तो सोनसाय टूट गया। उसने स्वीकार किया कि जमीन और पारिवारिक संपत्ति को लेकर उसका अपने पिता से लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते बुधवार की रात उसने अपने बेटे गोलू कश्यप के साथ मिलकर सोते हुए परिवार पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला किया और चारों को मौत के घाट उतार दिया।
इस पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि आरोपी सोनसाय कश्यप एक आदतन अपराधी है और यह उसका पहला खूनी गुनाह नहीं है। इससे पहले वर्ष 2009 में उसने अपने ही सगे छोटे भाई पुनाऊ राम कश्यप की भी बेरहमी से हत्या कर दी थी। उस मामले में अदालत ने उसे दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
करीब दो साल पहले ही वह अपनी सजा पूरी कर जेल से छूटकर वापस गांव लौटा था। जेल से आने के बाद भी उसके भीतर का लालच और हिंसक प्रवृत्ति शांत नहीं हुई। संपत्ति का विवाद लगातार जारी रहा और आखिरकार उसने अपने ही वंश के चार लोगों को मौत की नींद सुला दिया। फिलहाल पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद कर ली है और दोनों आरोपियों को जेल भेजने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।