
Janjgir Champa Crime News: अपराध की दुनिया में कई बार वारदात की शुरुआत घटनास्थल से नहीं, बल्कि जेल की चारदीवारी के भीतर से होती है। जांजगीर-चांपा जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र में डकैती की नाकाम साजिश के मामले में भी कुछ ऐसा ही सामने आया है। पुलिस के अनुसार करही गांव की सत्या मेडिकल एवं किराना दुकान में डकैती डालने की योजना जेल में ही तैयार हुई थी। जेल में बंद रहने के दौरान आरोपियों की आपस में मुलाकात हुई और इसी दौरान करही की मेडिकल दुकान को निशाना बनाने की योजना बनाई गई।
बताया गया कि आरोपियों को जानकारी थी कि सत्या मेडिकल दुकान में हमेशा अच्छी-खासी रकम रहती है, इसके बाद दुकान में डकैती डालने की साजिश रची गई। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी राजेंद्र साहू करही गांव में हुए हत्या के मामले के मुख्य आरोपी राजकुमार साहू का भतीजा बताया गया है। राजेंद्र के जेल में रहने के दौरान अन्य आरोपियों से उसकी मुलाकात हुई थी।
पुलिस के मुताबिक इसी दौरान आपसी संपर्क बढ़ा और बातचीत के बीच चोरी-डकैती की योजना तैयार हुई। जेल से बाहर आने के बाद आरोपियों ने कथित योजना को जमीन पर उतारने की तैयारी शुरू कर दी।
पुलिस के मुताबिक योजना के तहत पांच आरोपी एक साथ जुटे। वारदात को अंजाम देने के लिए दो मोटरसाइकिलों की व्यवस्था की गई और हथियार भी जुटाए गए। 12 अगस्त की रात आरोपी किकिरदा जाने वाले रास्ते पर देशी-विदेशी शराब दुकान रोड के पास पहुंचे। पांचों आरोपी दो मोटरसाइकिलों पर सवार थे और उनके पास घातक हथियार थे। इधर बिर्रा पुलिस की रात्रि गश्त और मुखबिर तंत्र के कारण आरोपियों की गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंच गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर दी। पुलिस ने पांचों आरोपियों को वारदात को अंजाम देने से पहले ही पकड़ लिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण सत्या मेडिकल एवं किराना दुकान में संभावित डकैती की वारदात टल गई। आरोपियों की योजना अगर सफल होती तो दुकान में बड़ी वारदात हो सकती थी। लेकिन पुलिस ने मुखबिर की सूचना को गंभीरता से लेते हुए समय रहते कार्रवाई कर दी। खास बात यह रही कि जिस डकैती की पटकथा जेल में लिखी गई थी, उसके किरदार वारदात को अंजाम देने से पहले ही फिर सलाखों के पीछे पहुंच गए।
बताया जा रहा है कि आरोपियों के बीच यह बात थी कि सत्या मेडिकल एवं किराना दुकान में हमेशा पांख लाख से ऊपर पैसा रहता है, इसलिए दुकान को डकैती के लिए चुना गया। योजना के मुताबिक रात के समय दुकान को निशाना बनाने की तैयारी थी। लेकिन आरोपियों की यह तैयारी पुलिस की मुखबिरी के आगे ज्यादा देर नहीं टिक सकी। पुलिस ने घेराबंदी कर पांचों को पकड़ लिया और पूछताछ के बाद डकैती की साजिश का खुलासा हुआ।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से डकैती में इस्तेमाल किए जाने वाले हथियार भी बरामद किए हैं। इनमें दो लोहे के पैरा, कटिया नुमा हथियार, एक एयर गन और चार लोहे की कुदाली शामिल हैं। इसके अलावा दो मोटरसाइकिल भी पुलिस ने जब्त की हैं। एसपी ने पूरी टीम की प्रशंसा करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में राजकुमार कर्ष निवासी मुड़पार, जितेंद्र साहू निवासी कनस्दा, राजेंद्र उर्फ राजा साहू निवासी करही, रंजीत साहू निवासी तुस्मा और भीम साथी निवासी शिवरीनारायण शामिल हैं।