सार्वजनिक स्थलों एवं विद्युत खंभों में प्रकाश व्यवस्था के लिए लगायी गई लाईटें बेकार होकर बिना किसी काम के होकर रह गई हैं।
सक्ती. राज्य सरकार के नगरीय निकाय विभाग द्वारा स्थानीय नगर पालिका परिषद को नगर के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों एवं सड़क किनारे लगे विद्युत पोलों में विद्युत व्यवस्था बनाए रखने के लिये कुछ माह पूर्व 1135 नग एलईडी लाईट प्रदान की थी जिसे विभाग द्वारा सीधे कंपनी से खरीदकर परिषद को भेजा गया था।
विभाग के अनुसार कंपनी द्वारा उक्त लाईटों पर सात साल की गांरटी देने की बात कही गई थी, लाइट खरीदने के बाद परिषद द्वारा उन्हें नगर के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों एवं सड़क किनारे लगे विद्युत खंभों में आवश्यकतानुसार लगाया गया था लेकिन मात्र दो माह बाद ही 1135 एलईडी लाईटों में से 350 नग एलईडी लाईटें गुणवत्ताहीन होने के कारण खराब हो गई हैं। जिससे सार्वजनिक स्थलों एवं विद्युत खंभों में प्रकाश व्यवस्था के लिए लगायी गई लाईटें बेकार होकर बिना किसी काम के होकर रह गई हैं।
इस संबंध में परिषद द्वारा विभाग के उच्चाधिकारियों एवं शासन के अधिकारियों से मौखिक जानकारी देकर खराब हुई लाईटों के स्थान पर नई लाईटे प्रदान करने की बातें कही गई है, लेकिन शासन के विभागीय अधिकारियों द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके कारण पूर्व में खंभों एवं सार्वजनिक स्थलों पर अंधेरा पसरा है।
राज्य शासन द्वारा परिषद को नगर में प्रकाश व्यवस्था बनाये रखने के लिए सीधे कंपनी से लाईटें खरीदकर परिषद को प्रदान की गई हैं जिनमें से अधिकांस लाईटों का खराब होना कंपनी एवं शासन पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है । इन लाईटों के खराब होने के कारण नगर में प्रकाश व्यवस्था चरमरा गई है। इसे सुचारु बनाये रखने अधिकारियों को परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि सात साल की गारंटी वाली लाईटें 2 माह में खराब हो गई, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस कार्य में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। लोगों ने इसकी जांच की मांग की है।
-राज्य शासन के नगरीय निकाय विभाग द्वारा प्राप्त 1135 एलईडी लाईटों में 350 लाईटें खराब होने की जानकारी विभाग को देने के बाद नई एलईडी लाईट प्रदान करने को कहा गया है, पर विभाग के अधिकारियों द्वारा आज कल कहकर गोल मोल जवाब देकर समय काटा जा रहा है- श्यामसुंदर अग्रवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका सक्ती