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यहां के हाईस्कूल में शिक्षकों के 16 पद हैं रिक्त, राम भरोसे है बच्चों का भविष्य

भौतिक रासायन जीवविज्ञान अर्थशास्त्र अंग्रेजी जैसे मुख्य विषय के शिक्षको का पद रिक्त
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जांजगीर चंपा

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Shiv Singh

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Updated: 28 Jul 2018, 8:21 PM IST

भौतिक रासायन जीवविज्ञान अर्थशास्त्र अंग्रेजी जैसे मुख्य विषय के शिक्षको का पद रिक्त

भौतिक रासायन जीवविज्ञान अर्थशास्त्र अंग्रेजी जैसे मुख्य विषय के शिक्षको का पद रिक्त

जांजगीर-चांपा. नगर के बिसाहूदास महंत शाउमा विद्यालय में 16 शिक्षाको के पद रिक्त होने से पठन पाठन कार्य प्राय: ठप पड़ गया है। शिक्षाको के अभाव में यहाँ अध्ययनरत विद्याथी अन्य विद्यालययो में पलायन कर रहे है जिससे विद्यालय का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।

इसी तरह का हाल नगर के कन्या शाउमा विद्यालय की भी हैं। अंचल के जाने माने नेता स्व बिसाहूदास महंत के प्रयास से नगर में सन 1962 में हाईस्कूल खुलवाया गया था तब यहां सारागांव सहित बिर्रा बम्हनीडीह बाराद्वार अंचल के करीब 25 से 30 किमी दूर तक के विद्यार्थि यहाँ अध्यपन करने आते थे सन 1996 में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ चरणदास महंत के प्रयास से यहाँ आलीशान विद्यालय भवन का लोकापर्ण एवं पृथक कन्या हाईस्कूल खुलवाया गया था

मुख्य अतिथि ततक्लीन म प्र शासन के मुख्यमंत्री ठा दिग्विजय सिंह थे। तब यहां शासन से स्वीकृत पद के अलावा अतिरिक्त शिक्षक कार्यरत थे।10 कमरे 2 हाल सहित आलीशान विद्यालय छात्रों की संख्या जहाँ हजार पार कर जाती थी वही आज इस विद्यलाय मे भौतिक रसायन जीवविज्ञान अंग्रेजी अर्थशास्त्र जैसे महत्वपूर्ण विषयो के 16 शिक्षको के पद रिक्त होने से मिडिल विभाग में 65 हायर सेकेंडरी विभाग में मात्र 70 दर्ज संख्या सेष रह गया है।

सन 2005 में विद्यालय के छात्र छात्राओं द्वारा महत्वपूर्ण शिक्षको की मांग को लेकर जिला मुख्यालय का घेराव किया गया था तब अस्थायी व्यवस्था कर दोनो विद्यालय में 5 शिक्षक पदस्थ कराया गया था शिक्षाक पदस्थ कराने की मांग विद्यालय प्रशासन सहित नगरवासियो द्वारा किया जा रहा है पर परिणाम शून्य हैं।


मिडिल विभाग में एक मात्र शिक्षक पदस्थ
नगर के जानकी देवी कन्या शाउमा विद्यालय का भी हाल कुछ इसी तरह का है। यहाँ मिडिल विभाग में एक मात्र शिक्षक पदस्थ हैं। इस विद्यालय में स्वीकृत 6 शिक्षको में 5 पद रिक्त है। हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी विभाग में भी 4 शिक्षको के पद रिक्त होने से पठन पाठन कार्य पाय: ठप्प पड़ गया है।


अगर ध्यान देते अधिकारी तो सुधर सकते थे हलात
अगर अधिकारी इस दिशा में ध्यान देते तो स्कूल में शिक्षाको की कमी नही आई रहती स्कूल में शिक्षक नही होने के कारण हर साल 70 प्रतिसत बच्चें अनुतीर्ण हो रहे हैं। इस दिशा में अधिकारीयो को सार्थक कार्यवाही करने की दरकार है। जो कि स्कूल में शिक्षको की व्यवस्था हो सके।

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