
किसान के नाम से जारी किया फर्जी केसीसी चेक, अध्यक्ष ने की शिकायत
बलौदा. बलौदा विकासखंड के खिसोरा सहकारी बैंक में संस्था प्रबंधन विनोद आदिले किसानों को लूटने का काम कर रहा है। इसके द्वारा हाल ही में एक किसान के केसीसी चेक में फर्जी हस्ताक्षर कर 65 हजार और एक लाख 40 हजार रुपए निकालने का मामला सामने आया है।
जब इस मामले की शकायत बैंक के अधिकारियों से हुई तो उनके द्वारा इसकी जांच बलौदा सहकारी बैंक में पर्यवेक्षक के पद पर पदस्थ कलाराम कहरा को सौंपी गई, लेकिन डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी अब तक मामले में तो बयान हुआ और न जांच हुई। वहीं आरोपी शाखा प्रबंधक खिसोरा सभी आरोपों को गलत बताते हुए पूरा मामला समिति अध्यक्ष सुनील साहू के द्वारा किया जाना बता रहा है। उसका दावा है कि जांच पूरी हो चुकी है, जिसमें समिति के अध्यक्ष की गलती सामने आ रही है।
जानकारी के मुताबिक सेवा सहकारी समिति मर्या. खिसोरा पंजीयन क्रमांक 893 के अध्यक्ष सुनील साहू ने शाखा प्रबंधक जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बलौदा को 31 मई 2018 को पत्र लिखकर शिकायत किया था कि ग्राम कुरमा निवासी रामायण पिता सुखीराम और ग्राम बगडबरी निवासी रामनारायण पिता भगवानी के नाम से फर्जी केसीसी दीर्घ चेक जारी कर सेवा सहकारी समिति खिसोरा के शाखा प्रबंधक विनोद कुमार आदिले रकम आहरित कर लिया है।
अध्यक्ष ने चेक क्रमांक 008806 में जो अध्यक्ष का सील और हस्ताक्षर है उसे फर्जी बताते हुए चेक वापस करने की मांग की थी। इस पत्र के मिलते ही शाखा प्रबंधक बलौदा ने इस मामले की शिकायत दो जून 2018 को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित प्रधान कार्यालय बिलासपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अध्यक्ष से की। इसके बाद इस मामले की जांच बलौदा शाखा में पदस्थ पर्यवेक्षक कलाराम कहरा को इस मामले की जांच सौंपी गई, लेकिन अभी तक इसमें कुछ नहीं हुआ है।
चेक नंबर सहित हुई शिकायत
जांच अधिकारी कलाराम कहरा को दो मई 2018 को इस मामले में जांच करने के आदेश देते हुए प्रधान कार्यालय बिलासपुर के अध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से लिखा है कि समिति खिसोरा के अध्यक्ष ने लिखित में शिकायत किया है कि समिति प्रबंधक ने केसीसी चेक क्रमांक 008806 फर्जी तरीके से जारी किया है। उसने उस चेक के जरिए 65000 और 1.40 लाख रुपए निकाले हैं। इतना ही नहीं केसीसी चेक में जो अध्यक्ष के हस्ताक्षर किए गए हैं वह भी फर्जी हैं। इतना गंभीर आरोप लगने के बाद भी अब तक मामले की न तो जांच पूरी हुई और न समिति प्रबंधक को वहां से हटाया गया, जबकि जांच रिपोर्ट तीन दिवस के भीतर जमा करने के आदेश दिए गए थे।
-मेरे ऊपर जो फर्जी चेक से राशि आहरण का आरोप लगा है वह गलत है। किसान ने खुद रुपए निकाला है। इस सब में समित अध्यक्ष की मिली भगत है।
-विनोद आदिले, समिति प्रबंधक, खिसोरा
Updated on:
28 Jul 2018, 5:11 PM IST
Published on:
28 Jul 2018, 3:58 PM IST
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