जांजगीर चंपा

बाहर से मिक्स जीएसबी मटेरियल पाटकर करोड़ों की सड़क बना रहा ठेकेदार

- सीपत बलौदा उरगा मार्ग में नहीं दिया जा रहा मानकों का ध्यान - ठेकेदार को नहीं अधिकारियों के निर्देश की परवाह

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जांजगीर-चांपा. छत्तीसगढ़ रोड डवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड (सीजीआरडीसी) के द्वारा 90.73 करोड़ रुपए रुपए की लागत से बनाई जा रही सीपत से बलौदा उरगा मार्ग में ठेकेदार द्वारा नियम व मानकों को कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हालत यह है कि ठेकेदार ने सड़क पर बाहर से मिक्स घटिया जीएसबी मटेरियल को सड़क पर पाट दिया हैए जबकि उससे वहीं स्थ्िति अपने प्लांट से इस मटेरियल को मिक्स करके लाना था और पाटना था। ऐसा न करने से जीएसबी मटेरियल की सड़क के बेस में पकड़ नहीं बनेगी और सड़क बनने के बाद जल्द खराब होगी।

इस 41.26 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण का ठेका सुनील कुमार अग्रवाल को दिया है। ठेकेदार द्वारा सड़क का के निर्माण में बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हालत तो यह है कि इतने बड़े सड़क निर्माण का कार्य लेने के बाद ठेकेदार सुनील कुमार अग्रवाल इस काम को देखने तकन हीं आएए सारा काम वह अपने अलग.अलग लोगों द्वारा करा रहे हैं। उनके द्वारा अधिक बजत कमाई के लालच में मानकों का ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

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पत्रिका की टीम ने जब बलौदा पहुंचकर सड़क का निरीक्षण किया तो मुरुम के ऊपर ठेकेदार ने काफी जगह जीएसबी मटेरियल डाला था। जब उस मटेरियल को देखा गया तो वह पूरी तरह से सूखा और इतना घटिया था कि महज पैर रख देने मात्र से भसक जा रहा था। विभागीय इंजीनियर की माने तो जीएसबी मेटेरियल में निर्धारित मात्रा में पानी से लेकर अन्य चीजें मिली होती हैं। इसलिए इसे प्लांट में मशीन से ही मिक्स होना चाहिए, जबकि लोडिंग अनलोडिंग व अन्य खर्च से बचने के लिए ठेकेदार इसे प्लांट से ही मिक्स करवाकर डाल देता है।

फैक्ट फाइल
सड़क. सीपत बलौदा उरगा मार्ग
लंबाई. 41.26 किलोमीटर
लागत. 90.73 करोड़ रुपए
कार्य प्रारंभ . 21 जुलाई 2017
कार्य पूर्णता तिथि 17 नवंबर 2018
एजेंसी . सीजीआरडीसी
ठेकेदार सुनील कुमार अग्रवाल

क्या है जीएसबी मटेरियल
यह एक क्रशर मटेरियल होता है। इसमें क्रशर से लाइम स्टोन पत्थर की 40 एमएमए 20 एमएमए 10 एमएमए 6 एमएम की गिट्टी व डस्ट को लेडकर प्लांट में मिक्स करना पड़ता है। इससे यह सड़क के बेस को अधिक मजबूत बनाता है।

इस तरह मिक्स होनी चाहिए जीएसबी
सड़क बनाने वाले ठेकेदार को साइट के पास ही अपना खुद का एक डब्ल्यूएमएम प्लांट डालना होता है। उस प्लांट में उसके पास जीएसबी मटेरियल को मिक्स करने की मशीन भी होनी चाहिए। ज्यादातर ठेकेदारों के पास यह दोनों चीजें होती है। इस मशीन के अलग-अलग चेंबर में अलग-अलग साइज की गिट्टी और डस्ट को भरा जाता है और उसके बाद पानी का सोर्स दिया जाता है। पॉवर ऑन होते ही मशीन निर्धारित मात्रा में सभी चीजों को लेकर पहले मिक्स करती है उसके बाद उसे बाहर फेंकती है, जिसे हाईवा में लोड कर साइट तक पहुंचाया जाता है।

क्या करता है ठेकेदार
ठेकेदार मशीन से जीएसबी मटेरियल को मिक्स करके सड़क में डालने की जगह सीधे क्रशर प्लांट में ही अलग-अलग साइज की गिट्टी और डस्ट को गीला करके मिक्स करता है और हाईवा में लोड करके सीधे रोड में डाल देता है। इससे ठेकेदार क्रशर प्लांट से अपने प्लांट तक परिवहन खर्च और मशीन में लगने वाले खर्च को बचाने के लिए ऐसा कर रहा है।

रोड डवलपमेंट कार्पोरेशन के एमडी अनिल राय है मैं उन्हें इसकी जानकारी देता है। वह इसकी जांच करवाकर निश्चित कार्रवाई करेंगे। सुबोध सिंह, सचिव पीडब्ल्यूडी छत्तीसगढ़ शासन

प्लांट से मिक्स जीएसबी मटेरियल डाला जा रहा या नहीं यह देखना क्वालिटी कंट्रोल की टीम का है। यदि ऐसा तो उन्हें इसकी जानकारी दी जाएगी। एसके सतपथी, एसडीओ, सीजीआरडीसी

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Published on:
10 May 2018 04:29 pm
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