जांजगीर चंपा

हमें खेत की मिट्टी की सेहत पर देना होगा ध्यान, पदमश्री से सम्मानित शमशाद बेगम ने और क्या कहा, पढि़ए खबर…

- कृषि महाविद्यालय व अनुसंधान केंद्र जांजगीर में आयोजित एक दिवसीय व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम

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हमें खेत की मिट्टी की सेहत पर देना होगा ध्यान, पदमश्री से सम्मानित शमशाद बेगम ने और क्या कहा, पढि़ए खबर...

जांजगीर-चांपा. आज देश की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित हैं और मिट्टी कृषि का मूल आधार है। हमें खेत की मिट्टी की सेहत पर ध्यान देना देना होगा। देश में आज दिन ब दिन कृषि का रकबा घट रहा है, जो चिंतनीय है। समाज में व्याप्त कुरीतियों को मिटाना होगा। इसके लिए हमें बेटियों के साथ-साथ बेटों को भी संस्कारवान बनाना होगा, तभी हम अपराध मुक्त अर्थात अच्छे समाज की कल्पना कर सकते हैं।

उक्त बातें पदमश्री से सम्मानित सहयोग जन कल्याण समिति गुण्डरदेही (बालोद) अध्यक्ष शमशाद बेगम ने कृषि महाविद्यालय व अनुसंधान केंद्र जांजगीर में आयोजित एक दिवसीय व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि के आसन्दी से व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज बेटियां शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि तथा कई छेत्र में तरक्की कर देश का नाम रौशन कर रही हैं। समाज में आज कई भ्रातियां हैं, जिसे हम सब मिलकर ही इसे खत्म करके अच्छे समाज, अर्थात अपराध मुक्त समाज स्थापित कर सकते हैं।

इसके लिए उन्होंने महिला कमाण्डो प्रत्येक गांवो में आम लोगो के सहमति से बनाया, जो गांव में नशा उन्मूलन, स्वच्छता, स्वास्थ्य व ग्रामीण विकास की दिशा में निस्वार्थ भाव से सेवा दे रही है। इसके लिए रात्रि में गश्त करने टॉर्च व डण्डे भी महिला कमांडो के सदस्यों को प्रदाय की गईं हैं। यह कार्य उन्होंने वर्ष 2006से शुरू किया, जिसकी शुरुआत आज जांजगीर जिले मे भी पुलिस अधीक्षक नीतू कमल के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एनकेएस बनाफर ने पदमश्री शहनाज बेगम के साथ पहुंचे दर्जनों महिला कमांडो के कार्यों तथा अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि समाज मे नारी का स्थान सर्वोपरी हैं। कृषि के अलावा हरेक छेत्र में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान है।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि नवाचारी प्रगतिशील युवा कृषक ई-संगवारी बहेराडीह गांव कृषक दीनदयाल यादव ने कहा कि आज किसान बेटा किसान नहीं बनना चाहता। पढ़-लिखकर नौकरी की तलाश करता हैं। लोग खेती किसानी छोड़ रहे हैं। लोग खेती को घाटे का सौदा समझने लगे हैं। किसान को खाद, बीज और दवाई इन तीन चीजों की जरूरत पड़ती हैं। इसके लिए वे बाजार पर निर्भर हैं। मगर कम लागत में उन्नत खेती तथा कृषि के क्षेत्र में कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन पर कहे नवाचार कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंशा को साकार करते हुए कृषि के क्षेत्र में आय दुगुनी किया है।

कार्यक्रम संयोजक पो. डॉ. यूआर खान ने केले के अपशिष्ट तने जैसी कचरे से सोना बनाने अर्थात कपड़ा बनाने वाले 15 सदस्यीय अनुसंधान टीम की कार्यों की सराहना करते हुए समन्वित खेती प्रबंधन चलो गांव की ओर कार्यक्रम पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम मे मशरूम विशेषज्ञ एश्वर्या एल टण्डन ने उन्नत तकनीक से खेती के बारे में अपना विचार व्यक्त किया कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जाज्वल्य देव कृषक आत्मा समिति जांजगीर के अध्यक्ष व बहेराडीह के उप सरपंच जितेंद्र कुमार यादव, केला कपड़ा बनाने वाली अनुसंधान टीम के सचिव रेवती यादव, गीता यादव, कृषक मित्र राजेश यादव, शोभा राम यादव, रफिक खान तथा महिला कमांडो के महिलाएं उपस्थित रही।

Published on:
21 Feb 2018 06:07 pm
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