जांजगीर चंपा

देर रात तक बज रहा DJ, पुलिस प्रशासन का फरमान सिर्फ कागजों में

डीजे की धुन में लोग थिरक रहे हैं वहीं पुलिस प्रशासन मूकदर्शन
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डीजे की धुन में लोग थिरक रहे हैं वहीं पुलिस प्रशासन मूकदर्शन
डीजे की धुन में लोग थिरक रहे हैं वहीं पुलिस प्रशासन मूकदर्शन

जांजगीर-चांपा. सरकार के द्वारा बनाए गए देर रात तक साउंड सिस्टम पर रोक का फरमान केवल कागजों में दौड़ रहा है। शहर के हर चौक चौराहों में देर रात तक डीजे की धुन में लोग थिरक रहे हैं वहीं पुलिस प्रशासन मूकदर्शन बनी हुई है।

चाहे बारातियों द्वारा हो या घराती, इनके द्वारा देर रात तक साउंड सिस्टम फुल आवाज में बजाए जा रहे हैं। सूचना देने के बाद भी पुलिस ऐसे लोगों तक नहीं पहुंच पा रही है। पुलिस या तो शिकायत को नजरअंदाज कर रही है या फिर ऐसे लोगों पर नरमी बरत रही है। अलबत्ता शासन का फरमान रद्दी की टोकरी में पड़ते दिखाई दे रहा है।


सरकार ने दो साल पहले यह नियत बनाया था कि रात 10 बजे के बाद साउंड सिस्टम तय मानक से अधिक नहीं बजना चाहिए। 10 बजे के बाद अधिक साउंड में लाउड स्पीकर, डीजे या बैंड बजने की स्थिति में उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान भी तय किया गया है।

बड़ी बात यह है कि निर्धारित मानक में साउंड सिस्टम चलाने के लिए भी प्रशासन से अनुमति लेनी पड़ेगी। शासन के निर्देशों के तहत लोग रात को साउंड सिस्टम चलाने के लिए एसडीएम से अनुमति जरूर ले रहे हैं, लेकिन तय समय के बाद भी लोग डीजे या अन्य साउंड सिस्टम चला रहे हैं। बाराती हो या घराती रात को 11 से 12 बजे तक साउंड सिस्टम का खुलेआम इस्तेमाल किया जा रहा है। खासकर शादी सीजन में शासन के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है।

शहर के हर चौक चौराहों में रात 10 बजे के बाद खुलेआम फुल साउंड में बाजा बजते देखा जा रहा है। वहीं कार्रवाई के नाम पर प्रशासन द्वारा किसी तरह सख्ती बरती नहीं जा रही है। ऐसा नहीं है कि इनकी शिकायत नहीं होती। शिकायत के बाद भी पुलिस ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। जिससे कोलाहल अधिनियम का मखौल उड़ रहा है।


पिछले साल हुई थी बड़ी कार्रवाई
पिछले साल शासन के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए कोतवाली थानेदार ने कोलाहल अधिनियम के तहत तकरीबन आधा दर्जन प्रकरण बनाए थे। कई धुमाल पार्टी, बैंड बाजा वालों का सिस्टम जब्त किया गया था। लेकिन इस साल अब तक एक भी प्रकरण नहीं बनाए गए हैं। इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि कानून के रखवाले ही नियम को सिथिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं।


शिकायत नहीं मिली
देर रात तक अधिक साउंड सिस्टम चलने की शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने के बाद ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
-शीतल सिदार, टीआई कोतवाली

Published on:
25 Apr 2018 04:58 pm
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