मुलमुला थाना अंतर्गत गोपाल नगर स्थित रेमंड कंपनी द्वारा संचालित लाफार्ज सीमेंट फैक्ट्री का मामला
जांजगीर-पामगढ़. मुलमुला थाना अंतर्गत गोपाल नगर स्थित रेमंड कंपनी द्वारा संचालित लाफार्ज सीमेंट फैक्ट्री में आए दिन मानवता तार-तार हो रही है। रविवार को भी यहां एक अमानवीय कृत्य तब देखने को मिला, जब लाफार्ज द्वारा संचालित स्कूल के चपरासी कैलाश साहू की अचानक तबीयत बिगड़ गई और उसे इलाज के लिए लाफार्ज के अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे बिलासपुर रेफर किया, लेकिन एंबुलेंस देने से मना कर दिया।
इसके बाद जब परिजनों ने नाराजगी जताई तो एक स्कार्पियो से उसे भेजा गया, लेकिन वाहन ऑक्सीजन की व्यवस्था न होने से चपरासी ने दर्रीघाट के पास रास्ते में ही दम तोड़ दिया। लाफार्ज प्रबंधन की लापरवाही की लापरवाही की हद यहीं नहीं रुकी, बल्कि चपरासी की मौत के बाद भी उनका अमानवीय व्यवहार दिखा।
मृतक के परिजन शव को लेकर सुबह ११ बजे लाफार्ज गेट के सामने पहुंचे और प्रदर्शन कर मुआवजे की मांग करने लगे, लेकिन कंपनी का एक भी अधिकारी उनसे बात करने के लिए बाहर नहीं आया। अंत में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और कलतरा, पामगढ़ व मुलमुला पुलिस को पहल करनी पड़ी।
इसके बाद भी अधिकारी बाहर आने के बजाए उन्हें गेस्ट हाउस में बुलाया और सुबह 11 बजे शाम छह बजे तक जहां तपती धूप में शव पड़ा रहा तो वहीं सभी लोग एयर कंडीशन कमरे में बैठकर यह वार्ता करते रहे कि परिजनों की मांग को किस हद तक माना जाए।
हालांकि प्रबंधन ने परिजनों के 25 लाख रुपए क्षतिपूर्ति की मांग को दो लाख में समेट दिया और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन दिया है। इससे भी परिजन खुश नहीं हैं उनका कहना है कि प्रबंधन हमेशा झूठा आश्वासन देता है और बाद में मुकर जाता है। इसे लेकर सोमवार को एक बार और बैठक होने की बात कही जा रही है। बाद में पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पीएम के लिए भेज दिया है। मुलमुला पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बैठक में यह लोग रहे शामिल
बैठक में मृतक की पत्नी, जनपद अध्यक्ष अकलतरा रामचरण, जिला पंचायत सदस्य संदीप यादव व सुशांत सिंह सहित लाफार्ज के अधिकारी व अकलतरा, मुलमुला और पामगढ़ थाना प्रभारी मैजूद रहे।
मीडिया को किया बैन
इस पूरे घटनाक्रम को पत्रिका ने लाइव कवर किया और जब बैठक में जाने के लिए गेस्ट हाउस की तरफ बढ़े, तो सिक्युरिटी ने मीडिया को बैन किए जाने की बात कहते हुए अंदर जाने से मना कर दिया।