
जांजगीर-चांपा. संजीवनी महतारी एक्सप्रेस के कर्मचारी बीते चार दिन से हड़ताल पर हैं। इसके चलते जिले में संजीवनी सुविधा का बुरा हाल है। इधर संजीवनी के कर्मचारी मांगें पूरी नहीं होने से सामूहिक आत्मदान की अनुमति मांग रहे हैं। फिलहाल वे रविवार को रायपुर कूच कर अपनी मांगों को लेकर लगातार हड़ताल पर डटे हैं, लेकिन प्रशासन उनकी सुनने को राजी नहीं है। इधर संजीवनी के कर्मचारियों के हड़ताल में जाने के बाद जिले में आपातकालीन सुविधा चरमरा गई है। सड़क दुर्घटना एवं अन्य बीमारियों से जूझ रहे लोगों को संजीवनी सुविधा नहीं मिल पा रही है।
प्रदेश भर के संजीवनी, महतारी एक्सप्रेस के कर्मचारी वेतन सहित विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार से हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का कहना है क उनकी मांगें पूरी की जाए नहीं तो उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दी जाए। कर्मचारी पहले जिला स्तर पर तीन दिनों तक हड़ताल कर विरोध किए। अब वे रविवार को रायपुर में पहुंचकर हड़ताल कर रहे हैं। कर्मचारियों के हड़ताल में चले जाने से जिले में आपातकालीन वाहन सुविधा का बुरा हाल है। हालांकि शासन जैसे-तैसे व्यवस्था बनाकर यह सुविधा प्रभावित नहीं होने के दावे कर रही है, लेकिन हालात बेहद बदतर है।
रविवार को ही दो सड़क हादसे हो गए। जिसमें पीडि़तों को संजीवनी सुविधा नहीं मिल पाई। पहली घटना शिवरीनारायण में हुई, जिसमें एक तेज रफ्तार कार पलट गई। उसमें सवार दो लोगों को गंभीर चोटें आई है। उन्होंने संजीवनी वेन को कॉल किया, लेकिन यह सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई। वहीं दूसरी घटना पकरिया पामगढ़ में हुई। जिसमें एक भारी वाहन ने बाइक सवार दंपती को अपनी चपेट में ले लिया। दुर्घटना में एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। लोगों ने संजीवनी वेन को कॉल किया, लेकिन वेन घटना स्थल तक नहीं पहुंच पाई। जिसके चलते पीडि़तों को भटकना पड़ा।
Published on:
08 Apr 2018 05:55 pm
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