पामगढ़ से जांजगीर तक बन रही इस सड़क का निर्माण पामगढ़ से कुटराबोड़ तक हुए कुछ महीने ही बीते हैं। शेष सड़क का निर्माण जारी है।
पामगढ़. सीजीआरडीसी एक तरफ पामगढ़ से लेकर जांजगीर को जोड़ती हुई टूलेन सड़क का निर्माण कई करोड़ की लागत से कर रहा है, वहीं अभी यह सड़क ठीक से बनकर तैयार भी नहीं हुई कि डामर होते ही पीएचई के ठेकेदार ने जेसी से पूरी सड़क के सोल्डर को ही खोद डाला। इससे नई सड़क खराब हो गई है।
इस मामले की जानकारी होते ही जहां सड़क ठेकेदार जितेंद्र अग्रवाल ने पामगढ़ थाने में मामले की शिकायत की है वहीं सीजीआरडीसी के अधिकारी मामले में जांच की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि ठेकेदार को सड़क खोदने से पहले विभाग की अनुमति लेना था, लेकिन बिना एनओसी लिए ही सड़क खोद दी गई है, जो कि गलत है। वहीं सड़क खोदने वाले ठेकेदार का कहना है कि वह किसी से कोई परमीशन लेने नहीं जाता। यह काम पीएचई के अधिकारियों का है। वहीं पाइप लाइन विस्तार का काम करवा रहे हैं। इस बारे में भी ठेकेदार ने कोई जवाब देने मना कर दिया।
पामगढ़ से जांजगीर तक बन रही इस सड़क का निर्माण पामगढ़ से कुटराबोड़ तक हुए कुछ महीने ही बीते हैं। शेष सड़क का निर्माण जारी है। वहीं पीएचई पामगढ़ में पानी का पाइप डालने के लिए टेंडर कई महीने पहले जारी किया था। विभाग का ठेकेदार चाहता तो निर्माण सड़क बनने के दौरान ही कर सकता था, लेकिन जैसे सड़क बनकर कंप्लीट हुई उसने सड़क को जेसीबी से खोद डाला। उसने जेसीबी लगाकर सड़क और नाली के बीच बनाए गए सोल्डर को इतना गहरा खोदा है कि आने वाले समय में वहां वाहन धंस जाएंगे।
इतना ही नहीं साइड सोल्डर में पानी का भराव होने से सड़क भी जल्द खराब होगी। जैसे ही सड़क ठेकेदार जितेंद्र अग्रवाल को मामले की जानकारी मिली उसने अपने कर्मचारी को भेजकर पीएचई के ठेकेदार से खुदाई की अनुमति मांगी तो वह हड़बड़ा गया। पीएचई का ठेकेदार इतना दबंग है कि सड़क ठेकेदार के मना करवाने के बाद भी उसने पाइप लाइन की खोदाई करते रहा जिसके कारण ठेकेदार ने थाने में शिकायत की है।
-मुझे इसकी जानकारी नहीं है। एसडीओ से बात करता हूं। ऐसा करना गलत है। बिना परमीशन के दूसरे विभाग का कार्य बिगाडऩा गलत है-
शुभम सिंह मरकाम, ईई, पीएचई, जांजगीर-चांपा
-ठेकेदार को बिना हमारी अनुमति के रोड़ खोदना नहीं चाहिए था। इसकी जानकारी मिली है। यदि ऐसा किया गया है तो पीएचई या उसके ठेकेदार से उस सड़क को सुधरवाया जाएगा- एसके सतपथी, एसडीओ, सीजीआरडीसी