जांजगीर चंपा

अध्यापिका तीन दिनों से नहीं जा रही थी स्कूल, घर का दरवाजा तोडा तो लटक रही थी मां-बेटी की लाश

मकान से लाश के सड़ने की बदबू भी आ रही थी। उन्होंने इसकी सुचना स्थानीय पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घर का दरवाजा तो तो सब लोगों के होश उड़ गए।
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Updated: 3 Oct 2019, 3:14 PM IST
Dead Body
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जांजगीर-चांपा. सक्ति के ग्राम पंचायत पोरथा के त्रिकुटी मोहल्ले मे बंद मकान को जब पड़ोसियों ने खोला तो उन्हें वहां एक शिक्षिका और उसकी बेटी का शव लटकता हुआ मिला है। शव की स्थिति को देखते हुए 2-3 दिन पुरानी बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार सरस्वती शिशु मंदिर की अध्यापिका पिछले 3-4 दिनों से विद्यालय नहीं जा रही थी। ना ही उसकी बेटी ही विद्यालय जा रही थी। उनका मकान भी कई दिनों से बंद पड़ा हुआ था।जब कई दिनों तक घर का दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ।

मकान से लाश के सड़ने की बदबू भी आ रही थी। उन्होंने इसकी सुचना स्थानीय पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घर का दरवाजा तो तो सब लोगों के होश उड़ गए। दोनों माँ बेटी का शव छत से लटक रहा था और लाश भी सड़ रही थी। पुलिस ने लाश को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस ने बताया कि, 'मृतक महिला मानसिक रूप से काफी परेशान थी। बताया जाता है कि महिला अपनी बेटी को लेकर भी काफी सजग रहती थी और उसे अपनी नजरों से ओझल नहीं होने देती थी।

फिलहाल पुलिस ने यह माना है कि महिला ने अपनी भविष्य की चिंता में बेटी के साथ आत्महत्या करने का फैसला लिया होगा, लेकिन पुलिस ने यह भी कहा है कि इस मामले में जो भी तथ्य और विषय सामने आएंगे उसे जांच के अधीन लिया जाएगा। फिलहाल दोनों की मौत पहले बनी हुई है।

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3 Oct 2019, 3:14 PM IST
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