जांजगीर चंपा

अधिक मुनाफा के चक्कर में ठेकेदार ने घटिया कॉलम से बना दी कलेक्टोरेट की बाउंड्रीवाल

-लगभग 50 लाख रुपए की लागत से पीडब्ल्यूडी काम - ठेकेदार नहीं दे रहा मानकों का ध्यान, अमानक मटेरियल का कर रहा उपयोग
2 min read
अधिक मुनाफा के चक्कर में ठेकेदार ने घटिया कॉलम से बना दी कलेक्टोरेट की बाउंड्रीवाल

जांजगीर-चाम्पा. कलेक्टोरेट परिसर को सुरक्षित बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी ने लगभग 50 लाख की लागत से टेंडर जारी कर यहां बाउंड्रीवाल का निर्माण कार्य शुरू कराया था। हालत यह है कि बेरोजगार इंजीनियर के तहत दो ठेकेदारों ने इसका काम तो ले लिया, लेकिन अब अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में वह अमानक निर्माण करने से बाज नहीं आ रहे हैं। एसडीओ पीडब्ल्यूडी के द्वारा कई बार निर्देश के बाद भी इनके द्वारा घटिया निर्माण किया गया है। वर्तमान में जो बाउंड्रीवाल बनाई गई है उसके सभी कॉलम इतने घटिया बने हैं कि उनको रिपेयरिंग कर सुधारा गया है। बाउंड्री वाल में लगाई गई फ्लाई ऐश ब्रिक्स भी मानक से कोसों दूर दिखती है।

जानकारी के मुताबिक डीएमएफ फंड से जारी राशि के द्वारा कलेक्टोरेट परिसर को सुरक्षित करने के उद्देश्य से यह बाउंड्रीवाल बनाई जा रही है। इससे पहले यहां बाउंड्रीवाल की जगह तार फेंसिंग थी। बाउंड्रीवाल के निमार्ण की एजेंसी पीडब्ल्यूडी को बनाया गया है। इसके निर्माण का टेंडर पीडब्ल्यूडी ने बेरोजगार इंजीनियर के तहत लगाया था।

टेंडर पाने की होड़ में इस काम को दो बेरोजगार इंजीनियर ने इतने बिलो रेट में ले लिया कि मानक के मुताबिक कार्य करना मुमकिन ही नहीं था। अब दोनों ठेकेदार अधिक मुनाफा कमाने की लालच में काम को इतना घटिया स्तर का कर रहे हैं कि दूर से ही देखकर लग रहा है कि बाउंड्रीवाल एक बरसात भी नहीं झेल पाएगी।

कलेक्टर की नाक के नीचे ऐसा काम
कलेक्टोरेट परिसर में हो रहे इस घटिया काम को देख कर अब लोग यह कहने लगे हैं कि जब कलेक्टर की नाक के नीचे हो रहा लाखों का काम इतना अमानक स्तर का है तो फिर अन्य कामों का क्या हाल होगा। लोगों का कहना है कि जिले में अरबों रुपए की लागत से अलग-अलग विभाग निर्माण कार्य करा रहे हैं। इन कार्यों के मानक की जिम्मेदारी विभाग प्रमुख सहित कलेक्टर की भी होती है। यदि कलेक्टर परिसर में ही अमानक निर्माण हो रहा है और उस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा तो फिर अन्य काम तो भगवान भरोसे ही होंगे।

-बाउंड्री वॉल में बनाए गए कॉलमों में रिपेयरिंग का कार्य हुआ है। मैं इसकी जांच करूंगा और यदि कमी पाई गई तो उन्हें तोड़कर दोबारा से बनवाया जाएगा। काम खराब नहीं होने दिया जाएगा- अमित कश्यप, एसडीओ पीडब्ल्यूडी जांजगीर

Published on:
17 May 2018 08:33 pm
Also Read
View All
Chhattisgarh Inspirational Story: एक कम्प्यूटर, सैकड़ों सपने… जानें कैसे शिक्षिका पल्लवी सिंह बदल रहीं गांव के बच्चों की दुनिया

Terrorist Attack: पापा, पापा बोलना सीख रहा था बेटा, आतंकियों ने मासूम के सामने ही पिता को मारी गोली, सक्ती के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

Digital Agriculture India: धान बेचने वाले किसानों के लिए बड़ा अपडेट, जांजगीर-चांपा में एग्रीस्टैक पंजीयन नहीं तो नहीं होगी धान खरीदी, जानें

शिक्षक बच्चों के साथ कर रहा था गलत हरकतें, ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़ा, जांजगीर-चांपा में FIR दर्ज

पढ़ाते-पढ़ाते हेडमास्टर को क्या हुआ, बच्चों के सामने उतारी पैंट, हरकत से भड़के लोग, जांजगीर पुलिस ने किया अरेस्ट