
Chhattisgarh News: प्राइवेट स्कूलों में सरकारी पाठ्यपुस्तकों से पढ़ाई कराने का नियम तार-तार हो रहा है। स्कूल खुले चार माह से ज्यादा हो चुके हैं, मगर बच्चों को किताबें मिलना तो दूर, कई निजी स्कूलों द्वारा अब तक शासन की ओर से उपलब्ध कराई गई पाठ्यपुस्तकों का उठाव तक नहीं किया जा रहा है। दूसरी ओर, कई निजी स्कूल ऐसे भी हैं, जिन्होंने किताबें तो उठा ली हैं, मगर बच्चों को उनका वितरण नहीं किया है। इसके बजाय निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है और उन्हीं से पढ़ाई कराई जा रही है।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार, जांजगीर-चांपा जिले के 18 निजी विद्यालयों ने अब तक सरकारी पाठ्यपुस्तकों का उठाव नहीं किया है। ऐसे विद्यालयों पर कार्रवाई करने के बजाय डीईओ कार्यालय की ओर से नोटिस जारी कर जवाब मांगने की बात कही जा रही है। जबकि यह गंभीर विषय है और बच्चों के भविष्य से जुड़ा है। छत्तीसगढ़ सरकार के नए नियमों के तहत मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में कक्षा पहली से दसवीं तक एनसीईआरटी की किताबें लागू करना और एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई कराना अनिवार्य किया गया है।
समग्र शिक्षा जांजगीर-चांपा के मुताबिक, जिले में 456 निजी स्कूल हैं और इनमें 59,978 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। शुक्रवार, 9 अक्टूबर तक की स्थिति में निजी स्कूलों ने 4 लाख 16 हजार किताबों का उठाव किया था। इनमें से 396 स्कूलों द्वारा 3 लाख 58 हजार किताबों की ही स्कैनिंग की गई थी, जबकि 57,960 किताबों की स्कैनिंग नहीं हुई थी। वहीं, स्कैनिंग के बावजूद केवल 2 लाख 69 किताबें ही बच्चों को बांटी गई थीं। इसके अलावा, 88,693 किताबों की स्कैनिंग होने के बावजूद उनका वितरण बच्चों को नहीं किया गया था। यानी हजारों किताबें स्कूलों में ही कहीं रखी हुई हैं।
डीईओ कार्यालय के मुताबिक, 9 अक्टूबर तक की स्थिति में यूनिक इंटरनेशनल स्कूल पकरिया लटिया, रामबती लखन साव स्कूल सरहर, सीजी यूपीएस शंकर चांपा, शिवा पब्लिक हाई स्कूल लखाली, फोनिक्स पब्लिक स्कूल पंतोरा, न्यू डाल्फिन पब्लिक स्कूल सरखों, समीना पब्लिक स्कूल रिंगनी, झलक पब्लिक स्कूल खोखरा, यूनिक पब्लिक स्कूल मेंउ, न्यू ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल खरौद, शनि वैली स्कूल पामगढ़, जय हिंगलाज माई हायर सेकेंडरी स्कूल कोसा, स्वामी विवेकानंद पीएमएस चोरभट्ठी, लिटिल फ्लावर पब्लिक स्कूल फरहदा, विद्या भारती मिडिल स्कूल किरारी और स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल परसाही बाना शामिल हैं।
एमपी सिंह, डीईओ जांजगीर-चांपा के मुताबिक, जिले के 18 निजी स्कूलों ने अब तक सरकारी किताबें नहीं उठाई हैं। सभी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जा रहा है। निजी स्कूलों को शत-प्रतिशत पाठ्यपुस्तकों की स्कैनिंग और वितरण करना है। लापरवाही बरतने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।