डॉ. आरएल घृतलहरे पिता आनंद राम के खिलाफ विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के समक्ष चालान प्रस्तुत किए जाने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जांजगीर-चांपा. आय से अधिक संपत्ति के आरोप में जांजगीर चांपा जिले के तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. आरएल धृतलहरे एंटी करप्शन ब्यूरो के हाथों पकड़े गए थे। मामले में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम १९६६ के नियम ९ के प्रावधान के अनुसार डॉ. आरएल घृतलहरे पिता आनंद राम के खिलाफ विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के समक्ष चालान प्रस्तुत किए जाने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
गौरतलब है कि दो साल पहले जांजगीर चांपा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरएल घृतलहरे के घर एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने छापेमारी कर तकरीबन 10 करोड़ की संपत्ति का खुलासा किया था। डॉ घृतलहरे के विरूद्ध धारा १३(१) ई, १३(२) पीसी एक्ट १९८८ के अंतर्गत विशेष न्यायालय जांजगीर चांपा के समक्ष २ अगस्त २०१८ को चालान प्रस्तुत किया गया था। इसके बाद राज्य शासन ने उन्हें ३ अक्टूबर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
डॉ. घृतलहरे को निलंबन अवधि में मुख्य कार्यपालन कार्यालय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य एवं सेवाएं बिलासपुर अटेच किया गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि वे सक्षम अधिकारी के अनुमति एवं पूर्व स्वीकृति के जिला मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। निलंबित अवधि में डॉ. घृतलहरे को मूलभूत नियम ५३ के तहत निर्वाह भत्ते की नियमानुसार पात्रता होगी। गौरतलब है कि वर्तमान में डॉ. घृतलहरे मुंगेली सीएमएचओ के पद पर कार्यरत थे।