आंदोलन करने वाले दुकान बंद करने व्यापारियों पर बना रहे थे दबाव
जांजगीर-चांपा. एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ कई दलित संगठनों ने सोमवार को संयुक्त तौर पर भारत बंद का आह्वान किया था। जांजगीर सहित आसपास के इलाके में बंद का व्यापक असर दिखाई दिया।
दलित संगठनों ने जांजगीर शहर की दुकानें बंद कराने की कोशिश करते हुए आपा खो बैठे और व्यापारियों से उलझ गए। खासकर नैला व नेताजी चौक में व्यापारियों और दलित संगठनों के बीच मारपीट भी हो गई। इसके कारण दोपहर दो बजे तनाव का माहौल निर्मित हो गया। माहौल को शांत कराने के लिए कलेक्टर डॉ. एस भारती दासन व एसपी नीतु कमल को खुद मौके पर जाना पड़ा और उग्र लोगों को शांत कराना पड़ा।
बड़ी मुश्किल से दलित संगठन शांत हुए और नेताजी चौंक में सड़क जाम कर दिए। तकरीबन एक घंटे के जाम के बाद मामले का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा और आंदोलन समाप्त किए।
भारत बंद के दौरान जांजगीर सहित आसपास के इलाके में भारत बंद का असर अच्छा खासा दिखाई दिया। जिला मुख्यालय जांजगीर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में दलित संगठन एकजुट हो गए और रैली निकाल दुकानें बंद कराने के लिए व्यापारियों पर दबाव बनाने लग गए। चांपा अकलतरा सहित कई नगरीय निकायों में माहौल तो शांत नजर आया, लेकिन जांजगीर में तनाव का माहौल तब निर्मित हो गया जब दलित वर्ग के आंदोलनकारी सोमवार की सुबह 12 बजे बल पूर्वक दुकानें बंद कराने के लिए व्यापारियों पर दबाव बनाने लगे।
वे रैली निकाल खुद डंडे के बल पर शटर गिराना शुरू कर दिए। जिससे नैला से लेकर नेताजी चौक तक माहौल गर्मा गया। नैला के व्यापारी एकजुट हुए और दलित वर्ग के आंदोलनकारियों को पहले प्रेम से समझाया। व्यापारियों का कहना था कि दुकानें बंद कराना चाह रहे हो तो विनतीपूर्वक बंद कराओ। डंडे के बल पर दुकान बंद कराना अनुचित है।
इसके बाद भी आंदोलनकारी नहीं माने और नेताजी चौक में उत्पात मचाना शुरू कर दिया। जिसके चलते व्यापारी एकजुट हुए और आंदोलनकारियों की धुनाई शुरू कर दी। इसके बाद आंदोलनकारी में आक्रोश भड़क उठा और वे सैकड़ो की तादात में एकजुट होकर नैला की ओर जाने लगे। इस बात की सूचना पुलिस को हुई।
पुलिस की टीम आंदोलनकारियों को नेताजी चौक के पास रोका और तनाव बढऩे की आशंका पर दलित वर्ग के लोगों को समझाइश देती रही, लेकिन वे नहीं मान रहे थे। माहौल पूरी तरह गर्मा गया था। इस बात की सूचना मौके पर मौजूद एसडीएम अजय उरांव ने कलेक्टर डॉ. एस भारती दासन व एसपी नीतु कमल को दी। कलेक्टर व एसपी खुद मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाइश दी। इसके बाद माहौल शांत हुआ।