21 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आखिर क्या है वजह जो राज्स शासन के नियमों को भी नहीं मानते यहां के सीएमएचओ

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के द्वारा वाहन टेंडर के नाम पर करोड़ों रुपए का फर्जीवाड़ा

2 min read
Google source verification
janjgir champa industries,janjgir-champa news in hindi,

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के द्वारा वाहन टेंडर के नाम पर करोड़ों रुपए का फर्जीवाड़ा

जांजगीर-चांपा. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के द्वारा वाहन टेंडर के नाम पर करोड़ों रुपए का फर्जीवाड़ा करने की तैयारी जिले में चल रही है।

यहां टेंडर नियमावली में हुए छेड़छाड़ का खुलासा पत्रिका ने किया और राज्य वित्त प्रबंधक एनएचएमरायपुर से निकाले गए टेंडर नियमावली को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो अब सीएमएचओ परिवहन अधिकारी को पत्र लिखकर यह पूछ रहे हैं कि क्या उनके यहां से ट्रेवेल्स संचालन करने का कोई रजिस्ट्रेशन होता है और वह शासकीय टेंडर निकाले जाने के लिए कितना जरूरी है। इससे साफ हो जाता है कि जिले में बैठे अधिकारी अपनी मर्जी और फर्जीवाड़ा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। वह राज्य से जारी अपने ही विभाग के टेंडर नियमवाली को मानने से बच रहे हैं।


जानकारी के मुताबिक जांजगीर जिले के लिए एनएचएम से जारी किया गया वाहन टेंडर के नियम से कुछ ऐसे नियम जिला लेखा प्रबंधक रोशनी वर्मा के द्वारा हटा दिए गए, जिससे कि इस टेंडर में अनुभवी ही नहीं बल्कि अनुभवहीन लोग भी भाग ले सकें। जब पत्रिका ने इस सबके बारे में रोशनी वर्मा से पूछा तो उन्होंने साफ कहा कि सीएमएचओ व डीपीएम से कोई लिखित अनुमति नहीं ली गई, लेकिन उन्होंने सीएमएचओ को इसकी मौखिक जानकारी दी थी,वहीं सीएमएचओ वी जयप्रकाश का कहना है कि शासकीय कार्य में मौखिक जैसी कोई बात नहीं होती है। जो भी होता लिखित में होता है। हालाकि सीएमचओ का कहना है कि उन्होंने निविदाकर्ता का पंजीयन परिवहन विभाग छत्तीसगढ़ शासन से होना चाहिए वाला नियम राज्य से जारी टेंडर नियमावली में
भी पढ़ा है और इसके लिए वह परिवहन विभाग को पत्र भी लिख रहे हैं जिससे यह जानकारी हो जाएगी कि यह नियम टेंडर नियम में डालना जरूरी है या नहीं।

परिवहन विभाग को पत्र लिखकर इस संबंध में जानकारी मांगी
हमने परिवहन विभाग को पत्र लिखकर इस संबंध में जानकारी मांगी है। सोमवार को यह निर्णय हो जाएगा कि टेंडर को रद्द कर दूसरा टेंडर जारी किया जाएगा या फिर पुराने टेंडर में नियम को जोड़ कर पात्रता की जांच की जाएगी।
-डॉ. वी जयप्रकाश, सीएमएचओ, जांजगीर-चांपा