जांजगीर चंपा

अधिकारी ने घर की गाड़ी को जनपद में दिया किराए पर, निजी उपयोग का लग रहा आरोप

जिसके लिए प्रतिमाह मनरेगा के तहत 35 हजार रुपए का भुगतान भी होता है।
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जिसके लिए प्रतिमाह मनरेगा के तहत 35 हजार रुपए का भुगतान भी होता है।
जिसके लिए प्रतिमाह मनरेगा के तहत 35 हजार रुपए का भुगतान भी होता है।

जांजगीर/बम्हनीडीह. बम्हनीडीह जनपद में पदस्थ एक अधिकारी ने अपने ही घर की स्कापियों को जनपद कार्यालय में किराया पर लगाया है। जिसके लिए प्रतिमाह मनरेगा के तहत 35 हजार रुपए का भुगतान भी होता है। इस बात का खुलासा सूचना के अधिकार के तहत हुआ है।


खास बात तो यह है कि उक्त वाहन का विभागीय दौरों की आड़ में निजी उपयोग में लेने के भी आरोप है। इस मामले में विभागीय अधिकारी भी यह कहते हुए पल्ला झाड़ते नजर आ रहे कि मैं तो अभी नया हंू।, चुनाव के लिए आया हूं। यह तो पहले से ही चल रहा है। हलांकि जनपद में इस तरह के भ्रष्टाचार बम्हनीडीह जनपद पंचायत में एक बार फिर गड़बड़झाला की बू आ रही है। मामला जनपद सीईओ के लिए किराए पर ली गई स्कार्पियो से जुड़ा हुआ है।

जिसके एवज में प्रतिमाह ए मोटी रकम का भुगतान भी किया जाता है। जब स्थानीय आरटीआई कार्यकर्ता आजम खान ने इस मामले में सूचना का अधिकार लगाया तो चौकने वाली बात सामने आई। बम्हनीडीह जनपद सीईओ के विभागीय दौरे के लिए जिस गाड़ी को किराए पर लिया गया है। वो गाड़ी बम्हनीडीह जनपद पंचायत मे कार्यरत विस्तार अधिकारी एफ आर साहू की बेटी पूर्णिमा साहू के नाम पर रजिस्टर्ड हैं। पूर्णिमा साहू प्रोपाईटर साहू ट्रेव्हलर्स के नाम पर प्रतिमाह 35 हजार रुपए का भुगतान महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना से किया जाता है।

ऐसे में, अधिकारी पिता के होने की वजह से बेटी की गाड़ी को जनपद कार्यालय में विभागीय दौरे के नाम पर तत्काल किराया पर रख लिया गया। जनपद सीईओ जेआर साहू की कौन कहे उक्त गाड़ी की मालिक पूर्णिमा साहू के पिता व विस्तार अधिकारी एफ आर साहू द्वारा भी निजी उपयोग में लाया जाता है। जिसे क्षेत्र के लोग भी आए दिन देखते है। जनपद में वाहन की उपयोगिता को लेकर टेंडर भी निकाला गया था या नहीं, यह एक जांच का विषय हैं।


जनपद क्षेत्र में नहीं रहते हैं सीईओ
विभागीय दौरे के लिए किराए पर ली गई स्कार्पियों का कार्यालय से अन्य जगहों तक नियमित चक्कर लगाया जाता हैं। जिसकी वजह है विभागीय अधिकारी को जनपद क्षेत्र में नहीं रहना। सीईओ खुद को चुनाव तक इस जनपद में होने व जांजगीर से आना-जाना करने की बात कह रहे हैं। हैं। ऐसे में, छोडऩे व लाने के बाद एफआर साहू द्वारा उक्त वाहन पर मालिकाना हक जताते हुए उसका निजी कार्य में उपयोग लिए जाने का आरोप है।


जानकारी देने में भी कर रहे हैं आनाकानी
बम्हनीडीह जनपद में किराए पर लगी वाहन को निजी उपयोग में लेने का मामला पूर्व में भी उठ चुका है। इस विषय पर सूचना के अधिकार के तहत जानकारी भी मांगी गई थी। पर विभाग ने शिकायतकर्ता को जानकारी देने की बजाए उन्हें मांगी गई जानकारी का अवलोकन करा कर खानापूर्ति की गई। खुद एफ आर साहू पूर्व अधिकारी का हवाला देकर जानकारी देने से इंकार करते हैं। इसके बाद एक अन्य आवेदक द्वारा मांगी गई जानकारी में इस बात का खुलासा हुआ है।


-विभागीय गाड़ी से सीईओ को चांपा तक छोडऩे व लाने की जानकारी है। पर गाड़ी में विस्तार अधिकारी भी उपयोग करते हैं। इस बात की जानकारी नहीं हैं। जिला पंचायत के आदेश से विभागीय दौरे के नाम पर यह गाड़ी लगाई गई है।
-विभा मरावी, कार्यक्रम अधिकारी, मनरेगा बम्हनीडीह


-विभागीय गाड़ी को निजी कार्य में उपयोग वाली कोई बात नहीं हैं। विस्तार अधिकारी मेरे साथ गाड़ी में आना जाना जरुर करते हैं। यह गाड़ी विस्तार अधिकारी की बेटी के नाम से है, मुझे इसकी जानकारी नहीं हैं। मैं सिर्फ चुनाव कार्य के लिए ही यहां आया हंू।
-जेआर साहू, सीईओ, बम्हनीडीह जनपद

Updated on:
20 Oct 2018 04:32 pm
Published on:
20 Oct 2018 04:32 pm
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