जान जोखिम में रख करते हैं आवागमन
जांजगीर-चांपा. नैला से बलौदा रूट में कन्हाईबंद में बने अंडरब्रिज इस रूट में आवागमन करने वालों के लिए मौत के द्वार के समान लग रहा है। अंडरब्रिज के नीचे वाले हिस्से के सीसी रोड के परखच्चे उड़ गए हैं। सीसी रोड का बड़ा -बड़ा सरिया सड़क के उपर निकल आया है।
जिससे फंसकर राहगीर मौत के मुंह में समा रहे हैं। बीते एक माह के भीतर यहां आधा दर्जन लोग गिरकर या तो अस्पताल पहुंच गए हैं या फिर उनकी बाइक पंक्चर हो गई है। लोगों ने मामले की शिकायत रेल अफसरों से की है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो पा रही है।
नैला रेलवे स्टेशन से एक किलोमीटर दूर कन्हाईबंद ग्राम में मड़वा तेंदूभांठा ताप विद्युत परियोजना के लिए रेल लाइन का जाल बिछा है। रेल लाइन के बीच कन्हाईबंद गांव के पास अंडरब्रिज का निर्माण किया गया है। अंडरब्रिज पार कर बलौदा बिलासपुर रोड का सफर तय करना होता है। यह अंडरब्रिज बेहद जर्जर हो चुकी है।
अंडरब्रिज के नीचे सीसी रोड में सरिया बिछाई गई है जो पानी भरे होने से सरिया पूरा का पूरा बाहर निकल आया है। यहां दिन भर हजारों लोग आवागमन करते हैं और यही जर्जर अंडरब्रिज को पार कर किसी तरह अपना सफर तय करते हैं। यहां पार करने में लोगों को जान जोखिम में डालना पड़ता है। क्योंकि बाइक सरिया में फंस जाती है और लोग दुर्घटना के शिकार होते हैं। हर रोज यहां कोई न कोई दुर्घअना के शिकार होते हैं।
कन्हाईबंद के ग्रामीणों ने मामले की शिकायत रेल अफसरों से की है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो पा रही है। शिकायत या तो रेल अफसरों तक नहीं पहुंच पा रही है या फिर प्रशासन चुप्पी साधे बैठी है। जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। कन्हाईबंद सिवनी के ग्रामीणों का कहना है यदि बहुत जल्द अंडरब्रिज की मरम्मत नहीं कराई गई तो बहुत जल्द इस रूट में चक्काजाम करने विवस होंगे। जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
बारिश में ब्रिज में भर जाता है पानी
कन्हाईबंद के अंडरब्रिज में बारिश के दिनों में सफर करना और भी मुश्किल हो जाता है। क्योंकि बारिश के दिन में यहां बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पाती। इसके चलते लोगों को घुटने भर का पानी पार कर बलौदा रूट की ओर आवागमन करना पड़ता है। रेल प्रशासन ने अंडर ब्रिज का निर्माण तो कर दिया, लेकिन यहां से पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं कर पाई। इसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।