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शिवरीनारायण. नवागढ़ ब्लाक अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत केरा में संचालित आयुर्वेदिक औषधालय में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। आयुर्वेदिक दवाओं को बढ़ावा देने के लिए एवं आयुर्वेदिक दवाओं से लोगों को उपचार मुहैया कराने के लिए शासन ने ग्राम पंचायतो में आयुर्वेदिक हॉस्पिटल की स्थापना की है। जिससे ग्रामीण अपना उपचार करा सकें, लेकिन यह हॉस्पिटल दम तोड़ते नजर आ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत केरा स्थित आयुर्वेदिक औषधालय के लिए शासन से 6 डिसमिस जमीन का आबंटन हुआ था। इसमें आधी जमीन पर भवन का निर्माण हुआ और आधी जमीन शेष थी, जिस पर वर्तमान में गांव वालों ने अतिक्रमण कर लिया है। अन्य ग्रामीणों का कहना है कि सत्र 2009-10 में औषधालय भवन में आहता निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हुई थी, लेकिन बेजाकब्जा धारियों के कारण आहता का निर्माण आज तक नही हो पाया हैं।
इस हॉस्पिटल में मोहतरा, देवरी, मिस्दा, सिंघुल व नगारीडीह के लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन मरीजों को हॉस्पिटल में सभी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। आयुर्वेदिक औषधालय के पास अतिक्रमण करने वालों पर कार्यवाही नहीं होने से उनके हौसले बुलंद हैं। इसे लेकर कई बार शिकायत की गई है, लेकिन विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसकी वजह से हॉस्पिटल स्टॉफ को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि हॉस्पिटल भवन के निर्माण में भी निम्नस्तरीय सामग्री का उपयोग किया गया है, जिससे भवन सीपेज दरारों से अटा पड़ा है।
-हल्का पटवारी को मौका मुआयना के लिए भेजा जाएगा। आयुर्वेदिक औषधालय की भूमि पर अतिक्रमण करने वालो पर कार्यवाही की जाएगी।
-अजय उरांव, एसडीएम, जांजगीर
-आयुर्वेदिक औषधालय में मूलभूत सुविधाओं की कमी हैं। अतिक्रमण के कारण बाउंड्रीवाल नही बन पा रहा है। मरीजों को यथासंभव इलाज मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. संजय खरे, चिकित्सा अधिकारी, आयुर्वेदिक हॉस्पिटल, केरा