जांजगीर चंपा

प्रशिक्षु SI अब संभालेंगे थाना-चौकी, जांजगीर-चांपा SP ने 2 माह के लिए सौंपा स्वतंत्र प्रभार, आदेश जारी

Police Transfer: पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने प्रशिक्षु SI को जिले के अलग-अलग थाना और चौकी क्षेत्रों में 2 माह के लिए स्वतंत्र प्रभार दिया है।
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Chhattisgarh News
प्रशिक्षु SI अब संभालेंगे थाना-चौकी (photo patrika)

Chhattisgarh News: जांजगीर-चांपा जिले में प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को पुलिसिंग का व्यावहारिक अनुभव देने और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग ने नई जिम्मेदारी सौंपी है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय IPS ने जिले के विभिन्न थाना और चौकी क्षेत्रों में प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को 2 माह के लिए स्वतंत्र प्रभार सौंपा है। इसके तहत प्रशिक्षु SI अब संबंधित थाना एवं चौकी क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, पुलिसिंग और जनसेवा से जुड़े कार्यों का स्वतंत्र रूप से संचालन करेंगे।

ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मिली जिम्मेदारी

पुलिस अधीक्षक की ओर से जारी आदेश के अनुसार प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में जिम्मेदारी दी गई है। स्वतंत्र प्रभार के तहत महिला थाना, चौकी पंतोरा, थाना बम्हनीडीह, पुलिस सहायता केंद्र राहौद, कोटमी सोनार, थाना सारागांव, थाना बलौदा, थाना पामगढ़, थाना शिवरीनारायण, थाना अकलतरा और थाना नवागढ़ को शामिल किया गया है।

इन स्थानों पर जिम्मेदारी संभालने के दौरान प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को थाना स्तर पर पुलिसिंग की विभिन्न व्यवस्थाओं को नजदीक से समझने और उनका संचालन करने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें प्रशिक्षण के साथ-साथ वास्तविक परिस्थितियों में पुलिसिंग की जिम्मेदारियों का अनुभव भी प्राप्त होगा।

Police Transfer
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कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण का मिलेगा अनुभव

स्वतंत्र प्रभार के दौरान प्रशिक्षु उपनिरीक्षक कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ अपराधों की रोकथाम और विवेचना से जुड़े कार्यों को समझेंगे। इसके अलावा पुलिस बल के साथ समन्वय, थाना स्तर की व्यवस्थाओं का संचालन और आमजन से संवाद जैसे कार्यों का भी प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा।

पुलिस विभाग की इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रशिक्षु अधिकारियों को केवल प्रशिक्षण तक सीमित रखने के बजाय उन्हें जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का व्यावहारिक अनुभव देना है। थाना और चौकी स्तर पर स्वतंत्र जिम्मेदारी मिलने से प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को निर्णय लेने, पुलिस बल के समन्वय और जनसेवा से जुड़े कार्यों को समझने का अवसर मिलेगा।

नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर

प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को स्वतंत्र प्रभार देने के पीछे नेतृत्व क्षमता विकसित करना भी प्रमुख उद्देश्य है। थाना एवं चौकी के कामकाज को संभालते हुए प्रशिक्षु अधिकारियों को विभिन्न परिस्थितियों में पुलिसिंग की चुनौतियों को समझने का मौका मिलेगा। साथ ही, कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण से जुड़े कार्यों में जिम्मेदारी निभाने का अनुभव उनके प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

कर्तव्यनिष्ठा और जवाबदेही से काम करने के निर्देश

पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को सौंपे गए दायित्वों का कर्तव्यनिष्ठा, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं। प्रशिक्षु अधिकारियों से पुलिसिंग के दौरान कानून-व्यवस्था के साथ-साथ आमजन से बेहतर संवाद बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।


पुलिस विभाग के अनुसार, प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को 2 माह का स्वतंत्र प्रभार दिया जाना उनके व्यावहारिक प्रशिक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्रशिक्षु अधिकारियों को थाना स्तर पर पुलिसिंग की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझने और जिम्मेदारी के साथ नेतृत्व करने का अनुभव प्राप्त होगा।

Updated on:
01 Oct 2026 02:52 pm
Published on:
01 Oct 2026 02:34 pm