Vedanta Plant Accident Update: वेदांता हादसे में 25 कर्मचारियों की मौत हो चुकी है, लेकिन अब तक केवल दो आरोपियों के नाम ही सार्वजनिक किए गए हैं, जबकि एफआईआर में 19 लोगों को दोषी बताया गया है।
Vedanta Plant Accident Update: जांजगीर-चांपा वेदांता पॉवर प्लांट सिंघीतराई की घटना में केवल दो लोगों पर एफआईआर की जानकारी दी जा रही है। वहीं 17 नामों पर डभरा पुलिस जवाब नहीं दे पा रही। यानी पुलिस 17 नामों पर पर्दा डाल रखी है।
यहां बड़ा सवाल यह है कि शेष आरोपियों के नाम पुलिस अब तक तय नहीं कर पाई है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष आकाश शर्मा एवं जांजगीर-चांपा जिले के युवक काग्रेस अध्यक्ष पंकज शुक्ला के नेतृत्व में थाने का घेराव भी किया था। इसके बाद भी पुलिस ने अब तक 17 नाम तय नहीं किए हैं।
गौरतलब है कि 14 अप्रैल की दोपहर ढाई बजे वेदांता पावर प्लांट के बॉयलर फटने से 25 कर्मचारियों की एक एक मौत हो गई थी। घटना के बाद डभरा पुलिस ने उद्योग के मालिक अनिल अग्रवाल एवं कंपनी प्रबंधक देवेंद्र पटेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। लेकिन इस मामले में 19 लोगों को दोषी करार दिया गया है। पुलिस ने दो नामों की घोषणा तो कर दी, लेकिन 17 नामों पर अब भी पर्दा डाल रखी है। ऐसे मामलों में पुलिस बड़ा खेल भी करती है। क्योंकि नाम जोडऩे और छोड़ने में पुलिस को बड़ा आर्थिक लाभ होता है।
युवक कांग्रेस के अध्यक्ष ने जब डभरा थाना प्रभारी से एफआईआर की कापी मांगी तो एफआईआर को सेंसेटिव बता दिया। वहीं जिनके नाम सामने आए हैं उनकी गिरफ्तारी भी नहीं हुई है। कांग्रेसियों ने इस मामले में जिम्मेदारों पर छोटी धाराओं के तहत जुर्म दर्ज किए जाने का आरोप लगाया है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने अपने समर्थकों के साथ थाना प्रभारी के कक्ष में धरना दिया। इसके बाद भी किसी तरह की जानकारी उन्हें नहीं दी जा रही है।
बॉयलर ब्लास्ट के बाद गहराया रहस्य, 20 मौतों के बीच एक मजदूर लापता, परिवार भटकता रहा- वेदांता पावर प्लांट हादसे के बाद से दिलीप कुमार नामक एक मजदूर अब तक लापता है। हादसे के दिन वह बॉयलर टेस्टिंग के लिए प्लांट के अंदर गया था, लेकिन उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका है। गुरुवार को परिजन प्लांट पहुंचे और उसकी खोजबीन में जुटे रहे, लेकिन देर शाम तक भी कोई सुराग नहीं मिला… पूरी खबर पढ़े