स्वास्थ्य विभाग की नींव कहे जाने वाले ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक महिला-पुरुष के हड़ताल चले जाने से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बाधित व चरमरा जाएगी।
जांजगीर. पामगढ़ ब्लाक के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और उप स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत 58 ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक महिला, पुरुष, एलएचवी, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक एवं खंड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी एक अगस्त से अपनी बहुप्रतीक्षित मांग वेतन विसंगति को लेकर रायपुर के ईदगाह भाटा में अनिश्चितकालीन हड़ताल की बिगुल फूकेंगे। उक्त जानकारी ब्लॉक एवं जिला प्रवक्ता आरके उपाध्याय एवं ब्लॉक अध्यक्ष असीम थवाईत ने दी।
उन्होंने बताया कि ब्लॉक के सभी फिल्ड कर्मचारी हड़ताल पर चले जायेंगे। जिले के सभी उप स्वास्थ्य केंद्र में ताले लग जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग की नींव कहे जाने वाले ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक महिला-पुरुष के हड़ताल चले जाने से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बाधित व चरमरा जाएगी। ग्रामीणों समुदाय को सामान्य सर्दी खांसी, बुखार, मलेरिया, उल्टी दस्त की दवा के लिए भटकना पड़ेगा।
रूटीन में बच्चों का समस्त टीकाकरण, इंद्रधनुष कार्यक्रम, महामारी नियंत्रण कार्यक्रम, गर्भवती माताओं की जांच, प्रसव, परिवार नियोजन कार्यक्रम, कुपोषण बच्चों की जांच व उपचार, मोतियाबिंद मरीजों का ऑपरेशन, स्वास्थ्य परीक्षण ब्लडप्रेशर, कुष्ठ, टीबी, मरीजों की नियमित दवा और साथ ही साथ भारत सरकार की 28 राष्ट्रीय कार्यक्रम एवं 14 योजनाएं पूरी तरह से प्रभावित एवं ठप हो जाएगी।
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मीजल्स-रूबेला (एमआर) अभियान जो 6 अगस्त से शुभारंभ होने वाला है, जिसमे ब्लॉक के 61413 बच्चों को एमआर का टीका लगाया जाना है उसमें पूरी तरह से ग्रहण लग जायेगा, क्योंकि ये टिका कोई दूसरा व्यक्ति नही लगा सकता हैं।
विगत कई वर्षो से शासन प्रशासन के समक्ष वेतन विसंगति के लिए पत्राचार, एक दिवसीय हड़ताल, अनिश्चितकालीन हड़ताल और समय-समय पर मुख्यमंत्री मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर अवगत कराया गया फिर अब तक आश्वासन के अलावा कोई कार्यवाही नही गयी हैं। इसके कारण स्वास्थ्य कर्मचारियों में रोष व्याप्त हैं।
17 जुलाई को इसी परिपेक्ष्य में एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन रायपुर में करके शासन को अवगत करा कर 15 दिन का समय दिया गया फिर शासन की ओर से कोई पहल नही की गई। जिससे कारण बाध्य होकर एक अगस्त से स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारियों फिर से अनिश्चितकालीन हडताल पर जा रहे हैं। जिसकी पूर्ण जवाबदेही शासन प्रशासन की हैं।