जशपुर नगर

अंधे कत्ल का खुलासा: पत्नी ने की पति की हत्या, फिर पेट्रोल डालकर जलाई लाश… वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

Murder Case: अक्टूबर 2025 में मिले एक अज्ञात युवक के अधजले शव की गुत्थी को जशपुर पुलिस ने सुलझा लिया है। जांच में पता चला कि मृतक और उसकी पत्नी सुमित्रा भगत के बीच लंबे समय से विवाद और मारपीट की स्थिति बनी रहती थी।

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पत्नी गिरफ्तार (फोटो सोर्स- पत्रिका)

CG Murder Case: थाना सिटी कोतवाली जशपुर के नजदीकी ग्राम पंचायत पुरनानगर के तुरीटोंगरी में अक्टूबर 2025 में मिले एक अज्ञात युवक के अधजले शव की गुत्थी को जशपुर पुलिस ने सुलझा लिया है। जांच में शव की पहचान महावीर राम भगत 49 वर्ष, निवासी गड़ियों टोंगरी, चौकी मनोरा के रूप में हुई। पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक की पत्नी सुमित्रा भगत को गिरफ्तार किया है, जबकि मामले में शामिल तीन नाबालिगों को बाल संप्रेषण गृह भेजने की प्रक्रिया जारी है।

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अधजली लाश मिलने के बाद शुरू हुई थी जांच

18 अक्टूबर 2025 को जशपुर मुख्यालय से लगे, तुरीटोंगरी में एक युवक का अधजला शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शरीर का अधिकांश हिस्सा जल जाने के कारण पहचान मुश्किल थी। प्रथम दृष्टया हत्या का मामला प्रतीत होने पर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया, जिसमें मृत्यु का कारण हत्या पाया गया। इसके बाद बीएनएस की धारा 103-1, 238-क, व 61-2, क, के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

डीएनए परीक्षण से हुई मृतक की पहचान

शव की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने फोटो आसपास के थानों में भेजे, गुमशुदगी की जानकारी एकत्र की और तकनीकी टीम को लगाया। दिसंबर 2025 में मृतक के भाई ने संदेह जताया कि शव महावीर राम भगत का हो सकता है। पुलिस ने मृतक के बच्चों के डीएनए नमूनों और अधजली लाश के नमूनों का मिलान कराया, जिसमें सैंपल मैच हो गया। इस प्रकार यह स्पष्ट हो गया कि शव महावीर राम भगत का ही है।

आरोपिया ने बताया कि मृतक शराब पीकर अक्सर उससे मारपीट करता था। 18 अक्टूबर की सुबह दोनों के बीच फिर विवाद हुआ। इसी दौरान सुमित्रा ने मृतक के हाथ से छोटी गैंती छीनकर उसके सिर और चेहरे पर हमला किया तथा बाद में उसका गला दबाकर हत्या कर दी।

महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद

मुख्य आरोपिया की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त छोटी गैंती, पेट्रोल लाने में प्रयुक्त सफेद जरकीन, घटना में उपयोग की गई टॉर्च को भी जप्त किया है।

पुलिस टीम का उल्लेखनीय प्रयास

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के नेतृत्व में 7 सदस्यीय टीम गठित की गई। पुलिस की जांच में उप पुलिस अधीक्षक अजाक/क्राइम भावेश कुमार समरथ, थाना प्रभारी सिटी कोतवाली निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, साइबर सेल तथा सिटी कोतवाली की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पुलिस ने पूछताछ में उगलवाया सच

पुलिस की जांच में पता चला कि मृतक और उसकी पत्नी सुमित्रा भगत के बीच लंबे समय से विवाद और मारपीट की स्थिति बनी रहती थी। घटना वाले दिन मृतक अपनी पत्नी के जशपुर स्थित घर पहुंचा था। संदेह के आधार पर सुमित्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां शुरूआती टालमटोल के बाद उसने अपराध स्वीकार कर लिया।

शव ठिकाने लगाने तीन नाबालिगों की भूमिका

पति की हत्या के बाद आरोपिया ने घर में ही उसके शव को चादर से ढककर कमरे में रखा। देर रात सुमित्रा ने अपनी दो नाबालिग बेटियों और मोहल्ले के एक 15 वर्षीय नाबालिग बालक की मदद से शव को लकड़ी की बल्लियों से बांधकर तुरीटोंगरी जंगल ले जाकर पेट्रोल डालकर जलाने का प्रयास किया, ताकि लाश की पहचान न हो सके।

यह एक अंधे कत्ल का मामला था, जिसे वैज्ञानिक साक्ष्यों और सतत मॉनिटरिंग के आधार पर सुलझाया गया है। आरोपिया को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा रहा है तथा तीनों नाबालिगों को बाल संप्रेषण गृह भेजने की प्रक्रिया चल रही है। -लाल उमेद सिंह, पुलिस अधीक्षक जशपुर।

Published on:
11 Feb 2026 09:10 am
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