
BREAKING: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के दूरस्थ ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर बनाने के लिए बड़े स्तर पर पुलों का निर्माण कराया जा रहा है। जिले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा स्वीकृत 109 करोड़ रुपये की विशेष निधि से कुल 22 उच्च स्तरीय पुल बनाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में चलनी-परसाडीपा मार्ग पर पौरी नदी में 3 करोड़ 14 लाख रुपये की लागत से पुल निर्माण का काम शुरू हो गया है। इसके बनने से मानसून के दौरान नदी में जलस्तर बढ़ने पर संपर्क टूटने की समस्या से ग्रामीणों को राहत मिलेगी।
पौरी नदी पर पक्का पुल नहीं होने के कारण आसपास के ग्रामीणों को लंबे समय से आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मानसून के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ते ही रास्ता बंद हो जाता था। इससे कई गांवों का संपर्क जिला और तहसील मुख्यालय से कट जाता था। इसका सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों, बीमार बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और किसानों पर पड़ता था। कई बार ग्रामीणों को अपने वाहन नदी के किनारे छोड़कर पैदल नदी पार करनी पड़ती थी। ऐसे में लोगों की सुरक्षा को लेकर भी खतरा बना रहता था।
ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही समस्या को देखते हुए चलनी-परसाडीपा मार्ग पर पौरी नदी में उच्च स्तरीय पुल का निर्माण शुरू किया गया है। इस परियोजना पर 3 करोड़ 14 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। पुल का निर्माण पूरा होने के बाद नदी में जलस्तर बढ़ने के बावजूद आवागमन बाधित नहीं होगा। इससे ग्रामीणों को सालभर सुरक्षित रास्ता मिलेगा और जिला व तहसील मुख्यालय तक पहुंचना आसान होगा।
पुल बनने से क्षेत्र के लोगों को केवल आवागमन की सुविधा ही नहीं मिलेगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी मदद मिलेगी। बारिश के दिनों में बच्चों की स्कूल तक पहुंच आसान होगी। वहीं, किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में भी परेशानी नहीं होगी। निर्माण कार्य शुरू होने से क्षेत्रीय ग्रामीणों में उत्साह है। उन्होंने इस समस्या के समाधान की पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया है।
जशपुर जिले के अंदरूनी और वनांचल क्षेत्रों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के लिए सरकार ने विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत 109 करोड़ रुपये की स्वीकृत निधि से अलग-अलग स्थानों पर कुल 22 उच्च स्तरीय पुलों का निर्माण कराया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से दूरस्थ गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। साथ ही ग्रामीणों को बारिश के मौसम में होने वाली आवागमन की परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क और पुल संपर्क से जिले के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिल सकेगी।