झाबुआ

‘नौतपा’ को लेकर प्रचलित है 3 मान्यताएं, ज्योतिषियों ने प्री-मानसून पर की बड़ी बात!

Nautapa 2025: एमपी में इस बार गर्मी गायब है और बारिश हो रही है। मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए ज्योतिषों ने नौतपा से जुड़ी 3 अहम मान्यतओं के बारे में बताया है।

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May 24, 2025
नौतपा से जुड़ी 3 अहम मान्यताएं (source - AI)

Nautapa 2025: 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो रही है। इस दिन सुबह साढ़े 9 बजे सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 8 जून की सुबह 7.17 बजे तक रहेंगे। हर साल इन दिनों में भीषण गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार स्थिति पूरी तरह से जुदा है। पहली बार मई के महीने में आंधी के साथ बारिश हो रही है। जिससे गर्मी पूरी तरह से नदारद है।

5 मई के बाद से अधिकतम तापमान 40 डिग्री के नीचे ही बना हुआ है। शुक्रवार को भी अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.8 दिन डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उधर मौसम विभाग ने जो पूर्वानुमान जारी किया है उसके मुताबिक नौतपा के पहले दिन यानी 25 मई को 9 किमी प्रति घंटे की रतार से हवा चलेगी और 6.7 मिमी बारिश हो सकती हैं। हालांकि इस दिन अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।

नौतपा को लेकर मान्यताएं

  1. नवलपा खूब तपा तो मानसून समय पर और बेहद अच्छा :मौसम और ज्योतिष विज्ञान के मुताबिक यदि नवतपा खूब तपा यानी गर्मी ज्यादा रही तो मानसून बेहद अच्छा रहेगा। मानसूनी सीजन में खूब बारिश होगी।
  2. नहीं तपा तो मानसून देर से और खंड वर्षा: ज्योतिष विज्ञानके मुताबिक यदि नवतपा में ज्यादा गर्मी नहीं पड़ी तो मानसून समय पर नहीं आएगा। खंड वर्षा के योग बनेंगे। मौसम विज्ञान मानता है कि नवतपा नहीं तपा तो मानसून देर से आ सकता है।
  3. गला तो अल्पवर्षा के आसार ज्योतिष विज्ञान का मानना हैयदि नवतपा गला यानी नवतपा में बारिश हुई तो अल्पवर्षा होती है। हालांकि इस बात को मौसम विज्ञान नहीं मानता।

नौतपा से जुड़ा वैज्ञानिक तथ्य

यदि नौतपा के वैज्ञानिक कारण को तलाशा जाए तो मई के अंतिम सप्ताह में सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी कम हो जाती है। इससे सूर्य की धूप और तीखी हो जाती है। इसलिए इस दौरान भीषण गर्मी पड़ती है।

इसलिए महत्वपूर्ण

ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक नौतपा ज्यादा तपता है तो बारिश अच्छी होती है। पहले नौ दिन वर्षा के नौ नक्षत्रों मृगशिरा, आद्रा, पुनर्वसु, पुष्य, अश्लेषा, मघा, पूर्वा, उत्तरा, हस्त के माने गए हैं। जिस नक्षत्र के दिन ज्यादा तपता है, बरसात में उस नक्षत्र के दौरान अच्छी बारिश होती है।

प्री-मानसून के आने के आसार

जैसी मौसमी परिस्थितियां बन रही हैं वह प्री मानसून गतिविधि है। संभवत: दो से तीन दिन में मानसून केरल पहुंच जाएगा। यहां भी समय पूर्व मानसून के आने की उमीद है।- डॉ आरके त्रिपाठी, मौसम वैज्ञानिक, झाबुआ

Published on:
24 May 2025 03:10 pm
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