
Delhi-Mumbai Expressway: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्यों की प्रगति को परखने निकले केंद्रीय सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को झाबुआ जिले से गुजरते हुए परियोजना की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। गरोठ में रात्रि विश्राम के बाद सुबह करीब 10.30 बजे उनका काफिला जिले की सीमा स्थित वे-साइड एमेनिटी (यात्री सुविधा केंद्र) पहुंचा, जहां उन्होंने करीब 25 मिनट तक अधिकारियों के साथ निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद उनका काफिला बिना किसी औपचारिक कार्यक्रम के पूरी रफ्तार से गुजरात की ओर रवाना हो गया और झाबुआ जिले की 52 किलोमीटर लंबी सीमा को महज आधे घंटे में पार कर लिया।
यात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री(Nitin Gadkari) का फोकस पूरी तरह एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता और निर्माण प्रगति पर रहा। जिला प्रशासन की ओर से अपर कलेक्टर सी.एस. सोलंकी और एसडीएम भास्कर गाचले ने उनका स्वागत किया। इस दौरान एएसपी प्रतिपाल सिंह महोबिया, एसडीओपी कमलेश शर्मा, अनुरक्ति सबनानी सहित एनएचएआई के अधिकारी भी मौजूद रहे। अनावश्यक भीड़ और यातायात बाधित न हो, इसलिए उनके ठहराव की सूचना स्थानीय प्रशासन को अंतिम समय पर ही दी गई थी।
झाबुआ से रवाना होने के बाद केंद्रीय मंत्री गुजरात के दाहोद पहुंचे, जहां उन्होंने दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेस-वे के पैकेज-26 के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। यहां एनएचएआई और निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों के साथ कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और समय-सीमा को लेकर विस्तार से चर्चा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंदसौर से वडोदरा तक करीब 357 किलोमीटर के सफर में उन्होंने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के पैकेज-18 से लेकर पैकेज-31 (किलोमीटर-844 तक) का निरीक्षण किया।
केंद्रीय मंत्री के आगमन की सूचना मिलते ही झाबुआ के कई भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता एक्सप्रेस-वे पर उनके स्वागत के लिए पहुंच गए थे। पार्टी के झंडों और स्वागत की तैयारियों के साथ वे काफिले का इंतजार करते रहे, लेकिन गडकरी का काफिला बिना रुके सीधे गुजरात की ओर निकल गया। इसी तरह ग्राम खजूरी में भी कुछ भाजपा नेता स्वागत के लिए मौजूद थे, लेकिन केंद्रीय मंत्री उस मार्ग से नहीं गुजरे। ऐसे में स्वागत की तैयारियां धरी रह गईं और स्थानीय नेताओं को निराशा हाथ लगी।