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‘वैष्णोदेवी दर्शन’ से पहले बंद हो गई 3 साल के ‘गौरांश’ की धड़कन, झाबुआ से नैनीताल गया था परिवार

Nainital hotel accident: झाबुआ के सराफा कारोबारी के तीन साल के बेटे की नैनीताल में होटल की तीसरी मंजिल से गिरने से मौत हो गई। परिवार को रो-रोकर बुरा हाल...
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Nainital hotel accident: इकलौते बेटे गौरांश (3) की मौत (Photo Source - Patrika)

Nainital hotel accident: इकलौते बेटे गौरांश (3) की मौत (Photo Source - Patrika)

Child death in accident: मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के राणापुर से हृदयविदारक खबर सामने आई है। परिवार के 22 सदस्यों के साथ नैनीताल छुट्टियां बिताने गया सोनी परिवार गहरे सदमे के साथ घर लौट रहा है। जानकारी के मुताबिक यहां के विशाल सोनी और सुरभि सोनी के इकलौते बेटे गौरांश (3) की होटल की तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। सोमवार को गौरांश का शव घर लाया जा रहा है। आगे अंतिम संस्कार की क्रिया की जाएगी।

जानकारी के अनुसार, 1 जुलाई को परिवार के सभी लोग नैनीताल के लिए रवाना हुए थे। यह खौफनाक हादसा रविवार सुबह हुआ, जब गौरांश होटल के कमरे में खेल रहा था। बताया जा रहा है कि वह खेलते-खेलते तीसरी मंजिल की खिड़की से 20 फीट नीचे जा गिरा। उसके सिर व गर्दन में बेहद गंभीर चोटें आईं। परिजन उसे नैनीताल के स्थानीय अस्पताल और फिर हल्द्वानी ले गए। डॉक्टरों ने उसे दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल रेफर कर दिया, वहां इलाज के दौरान मौत हो गई।

नैनीताल के बाद वैष्णोदेवी जाने वाला था परिवार

बता दें कि विशाल-सुरभि की शादी के चार साल बाद गौरांश का जन्म हुआ था। वह घर का इकलौता चिराग था और दादा अनिल सोनी का चहेता था। गौरांश ज्यादातर समय उनके पास ही बिताता था। सोनी परिवार नैनीताल के बाद जम्मू के कटरा स्थित माता वैष्णोदेवी के दर्शन को जाने वाला था। अब रविवार शाम को परिवार गौरांश का शव लेकर राणापुर लौट रहा है। सोमवार को आगे की प्रकिया की जाएगी।

गौरांश के सिर पर आई गंभीर चोटें

गौरांश के खिड़की के गिरने के बाद पूरे होटल में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद लेकर उसे तत्काल बीडी पांडे जिला चिकित्सालय पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत देखते हुए उसे हल्द्वानी के हायर सेंटर रेफर कर दिया। यहां पर सीटी स्कैन व कई अलग-अलग जांच में उसके सिर की हड्डी और गर्दन में गंभीर चोट की पुष्टि हुई। इसी बीच परिवार में चीख-पुकार मच गई। गौरांश की मां का रो-रो कर बुरा हाल हो गया।

बंद हो गई धड़कन

बताया जा रहा है कि गौरांश की हालत नाजुक होने पर उसे दिल्ली भेजने के डॉक्टरों ने परिवार को बोल दिया था। परिवार वालों का कहना है कि दिल्ली ले जाते समय रास्ते में गौरांश की धड़कन भी बंद हो गई थी। डॉक्टरों ने उसे दोबारा रिवाइव किया और फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन गंभीर सिर की चोटों के कारण हम उसे बचा नहीं सके। गौरांश की मौत की खबर मिलते ही राणापुर में शोक की लहर दौड़ गई। पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।