Complaint Box On Govt-Private School: अभियान के तहत जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में ‘कोर्ट वाली दीदी’ नाम से शिकायत बॉक्स लगाया जाएगा। इस बॉक्स में छात्र-छात्राएं अपनी किसी भी समस्या या शिकायत को लिखकर डाल सकेंगे।
Court Wali Didi Complaint Box: राजस्थान के सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए अब पढ़ाई के साथ-साथ कानूनी जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे’ अभियान शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत कक्षा 8 से 12 तक के विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, कानूनी सहायता और विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी जाएगी।
अभियान का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना और किसी भी तरह की समस्या होने पर सही तरीके से शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित करना है।
अभियान के तहत जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में ‘कोर्ट वाली दीदी’ नाम से शिकायत बॉक्स लगाया जाएगा। इस बॉक्स में छात्र-छात्राएं अपनी किसी भी समस्या या शिकायत को लिखकर डाल सकेंगे। खास बात यह है कि शिकायत करने वाले बच्चों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। बॉक्स में डाली गई शिकायतें सीधे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पास पहुंचेंगी और प्राधिकरण द्वारा उन पर कार्रवाई कर समाधान किया जाएगा।
‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे’ अभियान के तहत प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को स्कूलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की सहायता प्रणाली, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और बच्चों के अधिकारों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
साथ ही विद्यार्थियों को यह भी बताया जाएगा कि यदि उनके साथ उत्पीड़न, बदमाशी, भेदभाव, शैक्षणिक परेशानी, स्वास्थ्य या स्वच्छता से जुड़ी समस्या, भावनात्मक तनाव या साइबर अपराध जैसी कोई स्थिति होती है तो वे किस तरह मदद ले सकते हैं।
इस अभियान की शुरुआत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष आलोक सुरोलिया, जिला एवं सेशन न्यायाधीश झालावाड़ के मार्गदर्शन में की जाएगी। अभियान के दौरान न्यायिक अधिकारी स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े कानूनों की जानकारी देंगे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शशि गजराना ने बताया कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से प्रदेश के सभी स्कूलों में विधिक साक्षरता क्लब भी शुरू किए जा रहे हैं। इन क्लबों के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों के जरिए कानून और अधिकारों की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बन सकें और जरूरत पड़ने पर सही मंच तक अपनी बात पहुंचा सकें।