झालावाड़

Jhalawar: इंजीनियर बेटा बना सेना में लेफ्टिनेंट तो खुशी से झूम उठे माता-पिता, प्राइवेट नौकरी के साथ की थी अधिकारी पद की तैयारी

Inspirational Story: झालावाड़ के प्रद्युम्न सिंह सिसोदिया ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर जिले का नाम रोशन किया है। चेन्नई स्थित ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी से एक वर्ष का कठोर प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें 7 मार्च 2026 को कमीशन मिला।
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Pradyuman Singh Sisodia
प्रद्युम्न सिंह सिसोदिया (फोटो: पत्रिका)

Motivational Story: झालावाड़ शहर के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी प्रद्युम्न सिंह सिसोदिया ने भारतीय सेना में अधिकारी बनकर जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने चेन्नई स्थित ऑफिसर ट्रेनिंग एकडेमी में एक वर्ष का कठोर सैन्य प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद 7 मार्च 2026 को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त किया।

सिसोदिया का बचपन से ही सपना था कि वे भारतीय सेना में अधिकारी बनकर देश की सेवा करें। लगातार मेहनत और समर्पण के बल पर उन्होंने अपने इस सपने को साकार किया। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा झालावाड़ से प्राप्त की। स्कूली जीवन से ही वे पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में भी सक्रिय रहे। उन्होंने स्विमिंग, फुटबॉल, ताइक्वांडो और हैंडबॉल में झालावाड़ जिले का प्रतिनिधित्व किया।

कोटा टेक्निकल यूनिवर्सिटी से पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में स्नातक किया। कॉलेज के दौरान उन्होंने एनसीसी में सक्रिय भूमिका निभाई और कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय शिविरों में भाग लिया। इनमें थल सेना कैंप और आर्मी अटैचमेंट कैंप जैसे राष्ट्रीय स्तर के कैंप किए और राजस्थान में आयोजित बेस्ट कैडेट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक भी प्राप्त किया।

जयपुर में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की नौकरी के साथ-साथ उन्होंने सेना में अधिकारी बनने की तैयारी जारी रखी और कड़ी चयन प्रक्रिया को पार करते हुए एसएसबी इंटरव्यू में सफलता हासिल की। प्रद्युम्न ने अपनी सफलता का श्रेय पिता एडवोकेट लोकेन्द्र सिंह सिसोदिया व मां जयराज कंवर को दिया। दोनों माता-पिता बेटे के अधिकारी बनने के बाद खुशी से झूम उठे।

Updated on:
13 Mar 2026 10:08 am
Published on:
13 Mar 2026 10:08 am