
Female Accused In Human Trafficking Case: बालिकाओं की खरीद-फरोख्त के मामले में पकड़ी गई महिला रामकन्याबाई पिछले 15 साल से इस धंधे में लिप्त है। उसने इस धंधे से अब तक करोड़ों रुपए की कमाई कर ली। इस काम में उसका पति और बेटा भी शामिल है। उन्हें भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जब रामकन्या बाई के यहां दबिश दी तो उसका रहन-सहन देखकर दंग रह गई। इस बीच शनिवार और रविवार को पुलिस ने चार और नाबालिग लड़कियों को दस्तयाब किया।
पुलिस की अब तक की जांच में पता चला है कि मुख्य सरगना रामकन्या पिछले 15 साल से मासूम बालिकाओं की खरीद-फरोख्त कर रही है। वह बूंदी, झालावाड़,टोंक, भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर में अपने समाज के डेरों में घूमकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की तलाश करती है। उनके निशाने पर ऐसे परिवार रहते हैं, जो भारी कर्ज में डूबे हुए हैं। पति या पत्नी बीमार या दिव्यांग है या किसी कारण से घर का मुखिया जेल में बंद है। इन परिवारों में जाकर रामकन्या बाई उनका ब्रेनवॉश करती और प्रलोभन देकर उनकी मासूम बेटी को काम करने के बहाने अपने साथ ले जाती है।
दूसरे स्तर के दलाल इन बालिकाओं को ले जाकर प्रशिक्षित करते हैं। उन्हें मॉर्डन लड़कियों की तरह रहने का प्रशिक्षण दिया जाता है। उनके शरीर पर टेटू गुदवाए जाते हैं। इन लड़कियों के पास महंगे आईफोन और ड्रेस दिलाई जाती है, ताकि वे अपने ग्राहकों को प्रभावित कर सकें। उन्हें बातचीत करने के तरीके, पहनावे और लोगों के सामने खुद को प्रस्तुत करने की विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती है। तेरह या चौदह साल की उम्र होते ही उन्हें मुंबई ले जाकर तीसरे स्तर के दलाल को बेच दिया जाता है। ये दलाल उन्हें देह व्यापार में धकेल देते हैं।
रामकन्या बाई के पास बूंदी के दबलाना में आलीशान मकान, शंकरपुरा में सारी सुविधाओं वाला पक्का मकान, महंगी लग्जरी कार मिली है। पुलिस ने इसकी अनुमानित कीमत दो से तीन करोड़ आंकी है। उसके बैंक खाते की डिटेल और रेवेन्यू रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। झालावाड़ पुलिस की गिरफ्त में आए गिरोह ने बच्चियों को बेचकर पांच से दस लाख रुपए तक की कमाई की है। लड़कियों को बेचने के लिए कोई निश्चित राशि तय नहीं होती।