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Rajasthan: देह व्यापार से मुक्त होकर 14 साल की नाबालिग ने सुनाई आपबीती तो छलक पड़े आंसू, बोली ‘भगवान ने मेरी सुन ली’

Jhalawar News: झालावाड़ में मानव तस्करी और देह व्यापार के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने 14 साल की नाबालिग को गिरोह के चंगुल से मुक्त कराया, जिसने अपनी दर्दनाक कहानी सुनाते हुए बताया कि कैसे नौकरी के झांसे में उसे मुंबई ले जाकर देह व्यापार में धकेल दिया था।
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झालावाड़

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Akshita Deora

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Updated: 6 Jun 2026, 7:52 AM IST

Human Traffacking Female Accused

आरोपियों को पकड़कर ले जाती पुलिस टीम (फोटो: पत्रिका)

Human Trafficking Racket Exposed: मैंने सोचा था कि मुंबई जाकर अच्छा काम करूंगी और परिवार की मदद कर पाऊंगी, लेकिन ये नहीं जानती थी कि गरीबी की कीमत मुझे अपना जिस्म देकर चुकानी पड़ेगी।' यह कहते हुए पीड़िता की आंखें भर आई। हाल ही में झालावाड़ नावाड़ पुलिस ने उसे देह व्यापार कराने वाले एक गिरोह के चंगुल से मुक्त कराया है। 14 वर्षीय नाबालिग पीड़िता ने बताया कि वह पांच भाइयों और छह बहनों में से एक है। बचपन में पिता शराब की लत के कारण गंभीर रूप से बीमार हो गए थे। इलाज के खर्च ने परिवार को कर्ज में डुबो दिया।

इसी दौरान परिवार की परिचित रामकन्याबाई, जिसे बस्ती में लोग 'बुआजी' कहते थे, उसे अपने साथ बूंदी ले गई। वहां कुछ वर्षों तक घरेलू काम कराने के बाद उसने मुंबई में अच्छे रोजगार और अधिक कमाई का लालच दिया।

मां की आर्थिक मजबूरी और परिवार की खराब स्थिति को देखते हुए पीड़िता उसकी बातों में आ गई। मुंबई पहुंचने पर उसे कई अन्य लड़कियों के साथ फ्लैट में रखा गया। वहां हनीफ नाम का व्यक्ति लड़कियों को पुलिस से बचने के तरीके सिखाता था और उम्र और पहचान बदलकर बताने की हिदायत देता था। शुरुआत में उसे डांस बार में भेजा लेकिन जल्द ही ग्राहकों के साथ होटलों और कमरों में भेजा जाने लगा।

बुआ समझा, वही जिंदगी की सौदागर निकली

धीरे-धीरे वह देह व्यापार के दलदल में धकेल दी गई। बदले में केवल रहने की जगह, दो वक्त की रोटी और कपड़े मिलते थे। विरोध करने या रोने पर धमकियां दी जाती थीं। घरवालों से संपर्क करने की भी अनुमति नहीं थी। हाल ही में पुलिस कार्रवाई के दौरान वह मुक्त हुई। झालावाड़ लौटने पर उसे पता चला कि उसके पिता का वर्षों पहले ही निधन हो चुका है। नाबालिग कहती है कि जिस महिला को उसने बुआ समझा, वही उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी सौदागर निकली।

नौकरी का दिया था झांसा

परिवार का भरोसा जीत चुकी रामकन्याबाई ने पहले घरेलू काम के बहाने और बाद में नौकरी का झांसा देकर पीड़िता को मुंबई भेज दिया, जहां वह मानव तस्करी और देह व्यापार के नेटवर्क में फंस गई। भगवान ने मेरी सुन ली' : पीड़िता कहती है कि पुलिस की कार्रवाई उसके लिए नई जिंदगी लेकर आई। अब वह आजाद है, लेकिन उसके मन में एक सवाल आज भी बाकी है, क्या उसका खोया हुआ बचपन कभी | लौट पाएगा?

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