झालावाड़

Jhalawar: पुलिस हिरासत में युवक की मौत के बाद भड़के परिजन, बेटे का शव देखकर बेहोश हो गई मां, रख दी ये डिमांड

Rajasthan News: झालावाड़ में पुलिस हिरासत में युवक की मौत के बाद मामला गरमा गया है। परिजनों ने पुलिस पर बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगाते हुए हत्या का मामला दर्ज करने और मुआवजे की मांग की है।

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झालावाड़ SRG चिकित्सालय में मौजूद भीड़ और तैनात पुलिस जाप्ता, इनसेट में मृतक की मां के बहोंश होने पर स्ट्रेचर पर ले जाते हुए (फोटो: पत्रिका)

Youth Dies In Police Custody: झालावाड़ शहर में दस दिन पूर्व हुई चाकूबाजी के मामले में आरोपी युवक की रविवार को कोटा में उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर 9 दिन पूर्व युवक को घर से पकड़कर ले जाने और पिटाई करने का आरोप लगाया। आरोप हैं कि पिटाई से उसकी तबीयत बिगड़ गई।

पहले उसे झालावाड़ के एसआरजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से कोटा रेफर कर दिया गया। जहां रविवार को उसकी मौत हो गई। परिजनों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज करने और 50 लाख रुपए मुआवजा की मांग की। उधर एसपी अमित कुमार ने पुलिस द्वारा युवक की पिटाई किए जाने की बात से इनकार किया और कहा कि भागते समय गिर जाने से घायल हो गया था।

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शहर के कोतवाली थाना इलाके गत 18 दिसंबर को चाकूबाजी की वारदात हुई थी।इस प्रकरण में शहर के कच्ची बस्ती निवासी अनिल राव पुत्र हजारीलाल समेत तीन जनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। परिजनों ने आरोप लगाया कि 19 दिसंबर को रवि सिंह व अन्य पुलिसकर्मी घरआए। वे अनिल को अपने साथ ले गए और उसकी बुरी तरह पिटाई की। जिससे उसके गंभीर चोटें आई और पैर में फ्रेक्चर हो गया। इसके बाद पुलिस वाले उसे गंभीर घायल अवस्था में अस्पताल में छोड़ गई। जिसे वहां से कोटा रेफर किया गया था कोटा में उसकी उपचार के दौरान रविवार को मौत हो गई।

अनिल की मां का कहना है कि कई पुलिसकर्मी उनके घर पर आए थे और घर का दरवाजा खुलवा कर उसके छोटे बेटे अनिल को अपने साथ ले गए। जब परिजन कोतवाली में पहुंचे तो पुलिस ने अनिल के वहां पर होने से इनकार कर दिया। उसने बताया कि उसके बेटे का नाम सिर्फ एक मामूली झगड़े में दर्ज किया गया था, लेकिन उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया।

सर्वभाट आल इंडिया फाउंडेशन ने जिला कलक्टर अजय सिंह तीनसूत्री मांग पत्र दिया। समाज ने कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाएं। पीड़ित परिवार को 50 लाख का मुआवजा, मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी दी जाए।

एसआरजी में शव रखा

मृतक का शव कोटा से लाने के बाद रविवार शाम को एसआरजी चिकित्सालय की मोचर्री में रखवाया गया। इस दौरान शाम को बड़ी संख्या में समाज के लोग एकत्रित हो गए। इस दौरान बेटे का शव देखकर मां पूजा दो बार बेहोश हो गई। जिसे एसआरजी की इमरजेंसी में भर्ती करवाया गया।

भागने के प्रयास में नीचे गिर गया था

एसपी अमित कुमार का कहना है कि 18 दिसंबर को कोतवाली क्षेत्र में चाकूबाजी की घटना हुई थी। जिसमें अनिल राव सहित तीन नामजद आरोपी थे। अनुसंधान के दौरान लिप्तता पाए जाने पर पुलिस टीम अनिल की तलाश में गई थी। जिसे देखकर अनिल भागने लगा।

इसी दौरान वह नीचे गिर जाने से वह चोटिल हुआ, जिस पर टीम तुरंत उसे एस आर जी चिकित्सालय के आउटडोर में लाई। जहां पर उसकी आवश्यक जांच कर उपचार शुरू किया गया। उसके पैर के चोट के भाग का एक्सरे किया गया, जिसमें हल्का हेयर लाइन फैक्चर होना पाया गया। पुलिस ने इसकी सूचना उसके परिजनों को दी और अनिल को सौंप दिया।

उसी दिन रात को अनिल की तबीयत बिगड़ने और बेहोशी की हालत होने पर उसके भाई ने अस्पताल में रात 8 बजकर 22 मिनट पर उसे भर्ती कराया। 20 दिसंबर को 11:30 बजे हालत में सुधार नहीं होने पर उसे कोटा रैफर किया गया।

परिजनों की ओर से 24 दिसंबर को पुलिस पर लगाए गए आरोपों के संबंध में वृताधिकारी भवानीमंडी जांच कर रहे है। इस मामले में परिजनों सहित अन्य लोगों से पूछताछ की जाएगी।

एसपी के अनुसार सरकारी योजना में जो भी लाभ दिलाए जा सकते हैं, वह दिलाए जाएंगे। इस मामले की जांच करवा रहे है, जो भी दोषी होंगे। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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Published on:
29 Dec 2025 08:26 am
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