
Jhalawar Schools Remain Closed Due to Heavy Rain: मौसम विभाग जयपुर द्वारा जारी भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर बड़ा कदम उठाया है। झालावाड़ जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ के निर्देशों के पालन में सोमवार यानी 7 सितंबर को जिले के कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी राजकीय (सरकारी) एवं गैर-राजकीय (निजी) विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है।
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी राम सिंह मीणा ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी करते हुए बताया कि जिले में आगामी 24 घंटों में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में छोटे बच्चों और स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है।
जारी आदेश के अनुसार, सोमवार को विद्यार्थियों के लिए शिक्षण कार्य पूरी तरह स्थगित रहेगा और सभी विद्यालय बंद रहेंगे। हालांकि, स्कूल के समस्त शैक्षणिक (शिक्षक) एवं गैर-शैक्षणिक (प्रशासनिक स्टॉफ) कार्मिकों को कोई राहत नहीं दी गई है। उन्हें निर्धारित समय पर विद्यालय में उपस्थित रहकर अपने राजकीय दायित्वों का निर्वहन करना अनिवार्य होगा। प्रशासन ने आमजन और अभिभावकों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान बच्चों को जलभराव वाले क्षेत्रों या नदियों-नालों के पास न जाने दें और मौसम विभाग के अपडेट्स पर नजर बनाए रखें।
झालावाड़ में तीन दिन से जारी बारिश का दौर रविवार को भी जारी रहा। दोपहर बाद शहर सहित कई इलाकों में मेघ गर्जना के साथ झमाझम बारिश हुई। लगातार बारिश से खेतों में नमी बनी हुई है और कई जगह पानी भर गया है। इससे सोयाबीन की फसल पीली पड़ने लगी हैं। वहीं, इस समय सोयाबीन, मक्का सहित अन्य फसलें फलियों में बीज तैयार होने की अवस्था में हैं। ऐसे में बारिश का दौर लगातार जारी रहने पर फसलों को नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है।
रविवार को शाम चार बजे तक जिले में सबसे अधिक गंगधार में 22 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा झालरापाटन में 18, खानपुर में 16 और झालावाड़ में 11 मिलीमीटर बारिश हुई। जिले के अन्य क्षेत्रों में भी बारिश दर्ज की गई।
लगातार हो रही बारिश के कारण खेतों में नमी बनी हुई है। कई खेतों में पानी भरने से फसलों की बढ़वार प्रभावित होने लगी है। खासकर सोयाबीन के पौधे लगातार नमी के कारण पीले पड़ने लगे हैं। किसानों को चिंता है कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही और खेतों से पानी की निकासी नहीं हुई तो फसल गलने की स्थिति बन सकती है।
सोयाबीन सहित अन्य फसलें इन दिनों महत्वपूर्ण अवस्था में हैं। सोयाबीन की फलियों में बीज तैयार हो रहा है। ऐसे समय में लगातार बारिश और खेतों में जलभराव होने से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों प्रभावित होने की आशंका है। किसानों का कहना है कि बारिश थमने और धूप निकलने से खेतों में जमा पानी सूखने पर फसल को राहत मिल सकती है। लेकिन लगातार बारिश का दौर जारी रहा तो नुकसान बढ़ सकता है।
जिले में लगातार हो रही बारिश से जिन खेतों में पानी भर गया है, वहां सोयाबीन की फसल पीली पड़ने लगी है। खेतों में लंबे समय तक नमी और जलभराव रहने से पौधों की बढ़वार प्रभावित होने के साथ फलियों में दाना बनने में भी परेशानी हो सकती है। यदि बारिश का दौर इसी तरह जारी रहा और खेतों से पानी की निकासी नहीं हुई तो सोयाबीन के उत्पादन पर खासा असर पड़ने की आशंका है। जिले में इस बार ढाई लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सोयाबीन की बुवाई हुई है। ऐसे में बड़े क्षेत्र में फसल प्रभावित होने पर किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
| स्थान | बारिश (मिमी.) |
|---|---|
| गंगधार | 22 |
| झालरापाटन | 18 |
| खानपुर | 16 |
| झालावाड़ | 11 |
| डग | 7 |
| पचपहाड़ | 4 |
| सुनेल | 3 |
| रायपुर | 2 |
| बकानी | 2 |
| मनोहरथाना | 1 |
| पिड़ावा | 1 |
| कुल | 87 |