
झालावाड़। जिले के बकानी थाना क्षेत्र के बडाय गांव में 13 वर्षीय बालक की मौत के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने सोमवार को खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी मुकेश कुमार भील को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने स्कूल भेजने के बहाने अपने 13 वर्षीय भांजे को मोटरसाइकिल पर बैठाकर गांव से बाहर ले गया। वहां ट्रांसफार्मर से अवैध रूप से बिजली लेकर मछली पकड़ने के दौरान बालक करंट की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद आरोपी ने शव को छिपाकर साक्ष्य मिटाने के लिए गड्ढे में डालकर उस पर नमक डाल दिया।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि 31 जुलाई को बडाय निवासी मांगीलाल भील ने अपने 13 वर्षीय पोते के लापता होने की रिपोर्ट बकानी थाने में दर्ज कराई थी। परिजनों के अनुसार बालक 30 जुलाई की सुबह स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की।
अनुसंधान में सामने आया कि आरोपी मुकेश कुमार भील मृतक का मामा था। रिश्तेदारी और विश्वास का फायदा उठाते हुए उसने बालक को स्कूल नहीं जाने दिया और बहला-फुसलाकर मोटरसाइकिल से कोटड़ा घटा क्षेत्र में स्थित नाले के पास ले गया। वहां आरोपी ट्रांसफार्मर से अवैध रूप से बिजली का तार जोड़कर मछली पकड़ रहा था। उसने बिना किसी सुरक्षा के करंट प्रवाहित तार बालक के हाथ में पकड़ा दिया। तार क्षतिग्रस्त होने से बालक तेज करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार हादसे के बाद आरोपी घबरा गया और अपराध छिपाने के लिए शव को घटनास्थल से करीब 150 मीटर दूर नाले के पास एक गड्ढे में डाल दिया। इसके बाद शव को खाखरा और सत्यानाशी के पत्तों तथा मिट्टी से ढक दिया। शव जल्दी गल जाए और पहचान छिप जाए, इसके लिए उस पर नमक भी डाल दीं। इसके बाद आरोपी गांव लौट आया।
फरियादी, गवाहों के बयान, तकनीकी साक्ष्य और घटनास्थल के निरीक्षण के आधार पर पुलिस ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी मुकेश कुमार भील को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 105, 238 तथा किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75-79 के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले से चोरी का एक मामला भी दर्ज है। मामले में आगे की जांच जारी है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा के सुपरविजन तथा वृत्ताधिकारी हर्षराज सिंह खरेड़ा के निर्देशन में थाना प्रभारी हरि सिंह मीणा के नेतृत्व में गठित टीम ने मामले का खुलासा किया। टीम में एएसआई सुजान सिंह, लाजपत, दारा सिंह, हैड कांस्टेबल छोटूलाल तथा कांस्टेबल रोशन सिंह, शिवलाल, प्रेम कुमार और प्रवीण कुमार शामिल रहे।